हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। साइबर ठगी के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाई से खलबली मचाने के बाद अब ठगों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत अब ठगी के नाम से बदनाम गांवों में युवकों की कुंडली बनाई जा रही है।इसमें उनकी उम्र, पेशा, आय के स्रोत और गतिविधियों का डेटा तैयार हो रहा है। जिनकी जीवनशैली उनकी आय से संदिग्ध मिलेगी, उनको रडार में लेकर पुलिस कार्रवाई करेगी। जिले के राजस्थान और हरियाणा बार्डर के कुछ गांव लंबे समय से साइबर अपराध के गढ़ बनते जा रहे थे, जहां से संगठित गिरोह देशभर में लोगों को ठग रहे थे। एसएसपी श्लोक कुमार ने 11 दिसंबर को गोवर्धन के गांव देवसेरस, मुड़सेरस, मड़़ौरा और नगला अकातिया में बड़ी कार्रवाई करके 42 ठगों को गिरफ्तार किया था। करीब 120 से अधिक लोग भागने में सफल हो गए थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद ठगों ने गांवों को छोड़कर राजस्थान और हरियाणा की शरण ली थी। 35 दिन निगरानी के बाद फिर 22 फरवरी की सुबह पांच बजे शेरगढ़ के गांव जांघवली और विशंभरा को एक साथ घेरकर 34 ठगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें करीब 45 से अधिक ठग भागने में सफल हो गए थे। पुलिस की सख्ती से ठगों में खौफ का माहौल है। लगातार छापेमारी और निगरानी के चलते कई संदिग्ध युवक गांव छोड़कर भागने लगे हैं। पुलिस ने अब ठगों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का मास्टर प्लान तैयार किया है।इसके चलते ठगी के नाम से बदनाम गांवों में ग्राम प्रधान, चौकीदार और खुफिया तंत्र की मदद से युवकों की जानकारी जुटाई जा रही है। उनका पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। इसमें हर युवक की उम्र, पेशा, आय के स्रोत और उसकी गतिविधियों का खाका तैयार किया जा रहा है। जिन युवकों की जीवनशैली उनकी आय से मेल नहीं खाएगी। उनके महंगे मोबाइल, गाड़ियां या आलीशान खर्च के साथ अचानक आए बदलाव की निगरानी की जाएगी। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया इसके बाद उनको रडार में लेकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जो युवक ठगी से नहीं जुड़े हैं, उनको जागरूक करके ठगी की दुनिया में जाने से रोका जाएगा।
