हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के थाना कोतवाली वृंदावन इलाके में होली के दिन हुई हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध सिपाही को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। नोएडा में स्वाट टीम में तैनात सिपाही ने होली के दिन अपनी सरकारी पिस्टल से एक युवक की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने आरोपी सिपाही को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ साथ 50 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। युवक की हत्या के मामले में जिस सिपाही रोहित यादव पुत्र चरण सिंह निवासी किरथपुर थाना जसवंतनगर इटावा को सजा सुनाई वह वारदात के समय नोएडा गौतमबुद्ध नगर पुलिस में स्वाट टीम में तैनात था। रोहित उर्फ टिल्लू वारदात से एक दिन पहले बिना बताए नोएडा से सरकारी पिस्टल लेकर गायब हो गया। जिसकी स्वाट टीम प्रभारी ने गौतम बुद्ध नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
21 मार्च 2019 को होली वाले दिन मथुरा के थाना गोविंद नगर क्षेत्र की कृष्णा पुरम कॉलोनी रजत शर्मा अपने भाई अरुण शर्मा और दोस्त आयुष एवम चेतन के साथ वृंदावन होली खेलने के लिए आ रहे थे। यह लोग जैसे ही वृंदावन के सौ सैय्या हॉस्पिटल के समीप पहुंचे कि तभी वहां इनका किसी बात को लेकर रोहित उर्फ टिल्लू से विवाद हो गया। रोहित का रजत से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान रोहित उर्फ टिल्लू ने अपनी सरकारी पिस्टल से रजत में गोली मार दी। घायल अवस्था में भाई और साथी रजत को लेकर हॉस्पिटल गए जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वारदात के समय मौके से 50 मीटर दूर पुलिस पिकेट पर तैनात दरोगा विपिन भाटी और सिपाहियों ने रोहित को सरकारी पिस्टल सहित गिरफ्तार कर लिया था।
सपा सरकार में जलवा बिखेरने वाला रोहित उर्फ टिल्लू मथुरा में लंबे समय तक पुलिस की विंग एसओजी यानी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में तैनात रहा था। इसके बाद उसका गौतमबुद्ध नगर नोएडा तबादला हो गया। जहां वह स्वाट टीम में तैनात हो गया। मथुरा में लंबे समय तक रहने के कारण वह यहां आता रहता था। 2019 में भी होली वाले दिन वह स्कॉर्पियो गाड़ी से वृंदावन आया था। इसी दौरान उसने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।
रजत की हत्या के मामले में पुलिस ने मौके से रोहित को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद मृतक रजत के पिता केवल राम शर्मा ने रोहित के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज कराया। पुलिस ने रोहित को कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। इस मामले में शासकीय अधिवक्ता भीष्म दत्त सिंह तोमर ने 9 गवाह कोर्ट के सामने पेश किए। सभी गवाहों ने रोहित को इस हत्या का दोषी बताया। रोहित पर दोष सिद्ध होने के बाद अपर जिला जज 3rd ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता भीष्म दत्त सिंह तोमर ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में तर्क दिया है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जायेगा इसलिए कानून का राज कायम करने के लिए समाज में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने इसके लिए यह सजा सुनाई है। अधिवक्ता ने बताया कि अर्थ दंड न देने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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Author: Vijay Singhal
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