हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा: रविवार की शाम वर्षा के बीच धराशायी हुई पानी की टंकी ने तबाही मचा दी। हर तरफ चीखपुकार और अफरातफरी का नजारा था। मलबे में दबे लोगों में से दो महिलाओं की मौत की खबर के बाद दहशत बढ़ गई। हादसे के चार घंटे तक मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जोर पकड़ती रही। रात आठ बजे गाजियाबाद से पहुंची एनडीआरएफ टीम ने मलबे में मशीन डालकर दिल की धड़कनों को चेक करना शुरू किया। वहीं दूसरी टीम घर-घर जाकर परिवार के लापता लोगों के बारे में पूछती रही। मलबे में किसी के न दबे होने की आशंका खत्म होने के बाद राहत कार्य शुरू हुआ। 18 घंटे तक चले राहत कार्य में एक तिहाई मलबा ही उठाया जा सका है। इसे पूरी तरह साफ करने में तीन दिन लग जाएंगे। रविवार शाम साढ़े पांच बजे टंकी गिरने के बाद आठ बजे नगर निगम, प्रशासन, अग्निशमन के अधिकारी मौके पर आ गए थे। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह एवं एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने सेना के साथ गाजियाबाद से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को मदद के लिए बुलाया।
रात आठ बजे गाजियाबाद की 32 जवानों की एनडीआरएफ टीम पहुंच गई। रात नौ बजे सेना के एक दर्जन जवान आ गए। मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका थी। एनडीआरएफ लाइफ डिटेक्टर टाइप वन मशीन से मलबे की जांच शुरू की गई।
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Author: Vijay Singhal
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