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मथुरा। दुष्कर्म के बाद दस वर्षीय बालिका की हत्या के मामले में अदालत ने पांच निर्णय बने फांसी का आधार

ByVijay Singhal

Dec 11, 2022
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हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दुष्कर्म के बाद दस वर्षीय बालिका की हत्या के मामले को अदालत ने विरलतम अपराध की श्रेणी में माना है। पूर्व में इस प्रकार के मामलोें में दिए गए फांसी के निर्णयों को आधार मानते हुए दोषी सतीश को फांसी की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विपिन कुमार की अदालत ने अपने निर्णय में धनंजय चटर्जी बनाम पश्चिम बंगाल के वर्ष 1994 में दिए निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने 18 वर्ष की युवती के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले को अति गंभीर श्रेणी में माना। लक्ष्मी नाइक बनाम स्टेट ऑफ उड़ीसा वर्ष 1994 में सात साल की बालिका के संग अंकल द्वारा दुष्कर्म और निर्ममता पूर्वक हत्या करने में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को बरकरार रखा। मूलाई व अन्य बनाम स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश वर्ष 1999 में दसवीं कक्षा की तैयारी कर रही 16 वर्ष की बालिका की दुष्कर्म और हत्या के बाद शव को सेफ्टी टैंक में छुपाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा को बरकरार रखा। शिवजी उर्फ ददैया एलहट बनाम स्टेट ऑफ महाराष्ट्र वर्ष 2008 में विवाहित अभियुक्त द्वारा 9 वर्ष की बालिका से दुष्कर्म और हत्या तथा मुकेश बनाम स्टेट फॉर एनसीटी ऑफ दिल्ली आदि में भी सात वर्ष की बालिका से दुष्कर्म और निर्ममता पूर्वक हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी। वादी के अधिवक्ता वीरेंद्र लवानिया ने बताया कि अदालत ने इन सभी निर्णयों को आधार बनाकर फांसी की सजा सुनाई है। हर घंटे जेल अधिकारी ले रहे सतीश की रिपोर्ट नाबालिग

से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा होने के बाद सतीश की जेल में पहली रात बेचैनी में गुजरी। आम दिनों की तरह से खाना भी नहीं खाया। अभियुक्त की जेल अधिकारियों ने विशेष निगरानी कराई और प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट ली। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट विपिन कुमार द्वारा बालिका से दुष्कर्म और हत्या के जुर्म में सुनाई गई फांसी की सजा के बाद दोषी सतीश ने पहले दिन जेल की बैरक मुश्किल से रात बिताई। अदालत से आने के बाद हर दिन की तरह से भोजन भी नहीं किया। जेल में सतीश की निगरानी के लिए कई टीम तैनात की गई हैं। यह टीम प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार को दे रही हैं। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि वह अभियुक्त की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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