हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सुरीर में इलाके के किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए तरह तरह के प्रयोग कर रहे हैं। नीलगाय व जंगली शूकर समेत जानवरों से फसल बचाने के लिए खेतों को रंग-बिरंगी साड़ियां पहना रहे हैं। खेतों में इन दिनों मुख्य रूप से आलू और गेहूं की फसल उपज रही हैं। इसकी रखवाली के लिए कहीं किसान बाड़ लगा रहे हैं, तो कहीं रात में जागकर रखवालाी कर रहे हैं। नदी और नहर के तटवर्ती गांव होने के कारण जंगली शूकर और नीलगाय अक्सर रात में आकर फसलों को चट कर जाते हैं। इसलिए हाड़तोड़ मेहनत और महंगे खाद-बीज जोताई से परेशान किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए हर तरह की कवायद कर रहे हैं। किसान घर की महिलाओं की पुरानी साड़ियों को ले जाकर खेत के चारों तरफ घेरा बनाकर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसान तीर्थपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह राजपूत, लोकेश ठाकुर व मुरारी सिंह का कहना है कि मेड़ पर लकड़ी के सहारे बांधी जाने वाली साड़ियां वैसे तो मजबूती के नाम पर कुछ नहीं हैं, लेकिन उनके लहराने से उपस्थिति का आभास और विविध रंगों की वजह से जंगली शूकर व नीलगाय खेतों की तरफ नहीं आते हैं। इलाके में यह देसी तरीका कारगर साबित हो रहा है।
