हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यूपी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी अब वेटरनेरी फार्मेसी डिप्लोमा धारक छात्रों के लिए पंजीकरण का रास्ता खोलने जा रही है। इसी आधार पर वेटरनेरी फार्मेसी डिप्लोमा धारक युवा पशु चिकित्सा के क्षेत्र में खुद का कारोबार भी कर सकेंगे। पिछले करीब एक दर्शक से वेटरनेरी यूनिवर्सिटी द्वारा डिप्लोमा इन फार्मेसी और डिप्लोमा इन एलईओ (लाइफ स्ट्रॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) का संचालन किया जा रहा है। ये डिप्लोमा राज्य सरकार के आग्रह पर ही यूनिवर्सिटी ने शुरू किए थे, इसके बावजूद राज्य के पशुपालन विभाग ने वेटरनेरी फार्मासिस्ट और लाइफ स्ट्रॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पदों पर विभागीय नियुक्तियों में उक्त डिप्लोमा को निर्धारित योग्यता में शामिल नहीं किया है। डिप्लोमा इन वेटरनेरी फार्मेसी के आधार पर पंजीकरण का प्रावधान भी प्रदेश में नहीं है। मुख्यमंत्री ने इन विषमताओं को खत्म करने की घोषणा भी की थी। अब पशुपालन विभाग के संयुक्त सचिव ने कुलपति प्रो. एके श्रीवास्तव को बताया है कि विभागीय नियुक्तियों में उक्त दोनों डिप्लोमा निर्धारित योग्यता में शामिल कर लिए हैं। उन्होंने वेटरनेरी फार्मेसी के पंजीकरण के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया में यूनिवर्सिटी के पंजीकरण का परामर्श दिया है। इसके आधार पर अब वेटरनेरी यूनिवर्सिटी फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन करने जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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