हिदुस्तान 24 तुवि न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा के औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला में अपहरण के बाद बालक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। कुकर्मियों ने अफजल के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया। हाईवे के ग्रीन विलो पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र अरहान दो बहनों में अकेला दूसरे नंबर का था। उससे बड़ी 11 साल की आलिया है तो उससे छोटी ढाई साल की आफिया है। इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या से परिवार में मातम छा गया है। पिता, मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अरहान को याद करके आंखों के आंसू भी नहीं थम रहे हैं। हालांकि आसपास और रिश्तेदारों ने औरंगाबाद के मेवाती मोहल्ला पहुंचकर ढांढ़स बंधाया। शालीमार हार्डवेयर मशीनरी स्टोर के संचालक अफजल खान के बेटे की अपहरण के बाद हत्या को लेकर उनके बड़े भाई शहीद ने पोस्टमॉर्टम गृह पर बताया कि समय रहते परिवार के लोगों द्वारा भागदौड़ न की जाती तो बच्चे का पता नहीं चल पाता। अपहृता द्वारा बालक की वापसी के लिए उनसे चौथ मांगी जा सकती थी।आरोपी सैफ, अफजल की दुकान पर जनवरी 2023 को मुनीम की नौकरी पर रखा गया था। वह परिवार और माता-पिता के साथ नैनापुरम कॉलोनी में रह रहा है। अफजल ने बताया कि करीब पांच साल पहले आरोपी सैफ के भाई एनआईए इमरान को यह मकान 14 लाख रुपये में बेचा था। आज भी 50 हजार रुपये बकाया रह गए हैं। उसके बच्चों को एडमिशन भी उनके द्वारा कराया गया। कई बार सिलिंडर की जरूरत घर में पड़ी तो सहयोग किया। कभी किसी बात की कमी नहीं रहने दी, पर उनके साथ ऐसा होगा उन्हें उम्मीद नहीं थी। रमजान के पाक माह में मासूम की हत्या ने सभी को विचलित कर दिया है। इस परिवार की सज्जनता का परिणाम है कि हिंदू-मुस्लिम सभी आज पोस्टमॉर्टम गृह पर एक स्वर से इस घटना पर अफसोस जाहिर कर रहे थे। लोगों का कहना था कि इस माह में मुस्लिम समाज पूरी तरह अच्छे कार्यों की सीख लेता है। लेकिन उसी समाज के नौकर ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे डाला।
क्षेत्र में अफजल परिवार से सभी के अच्छे संबंध हैं। एक-दूसरे से प्रेम का ही नतीजा था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ बिना जाति-धर्म के मौजूद रहकर निंदा कर रहे थे। लोगों का कहना था कि अफजल के पांच भाई हैं और यह सभी इसी क्षेत्र में अलग-अलग मकानों में रहते हैं। व्यवसाय भी अलग-अलग हैं। लेकिन कभी किसी परिवार का किसी से कोई झगड़ा नहीं है।
आरोपी तीन दिन पहले से नमाज अदा करने नहीं जा रहा था। इससे यह साफ होता है उसके मन में तीन दिन से शरारत चल रही थी। हत्या से एक दिन पहले हत्यारोपी ने शोरूम स्वामी अफजल का एटीएम कार्ड चोरी कर लिया। एटीएम के माध्यम से 10 हजार रुपये भी निकाल लिए। मैसेज के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक कराया तो हकीकत से पर्दा हट गया। फिलहाल उससे कुछ भी नहीं कहा गया। बकौल अफजल ने बताया कि उनका बेटा चचेरे भाई अयान के संग प्रतिदिन नमाज के लिए जाता था। इसलिए शनिवार की रात 10:15 बजे तक उसका घर लौटने का इंतजार किया, पर नहीं आने पर उसकी तलाश की गई।
सीसीटीवी फुटेज में कैद होने के बाद सदर बाजार पुलिस ने शनिवार की रात 11 बजे ही हत्यारोपी को उठा लिया था। करीब आठ घंटे तक पुलिस को हत्यारोपी गुमराह करता रहा। हालांकि पुलिस को शक तो पूरा था, पर कुछ उगलने के न चलते पुलिस रात को ढाई बजे हत्यारोपी के घर पहुंची। यहां हत्यारोपी की पत्नी को कपड़े धोते देख चकरा गई। ऐसा लगता है कि सुबूत मिटाने के लिए हत्यारोपी के कपड़े उसकी पत्नी ने धोए होंगे। फिर से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सच उगलते ही रविवार की सुबह नौ बजे पुलिस ने नाले से शव बरामद कर लिया। अरहान को अगवा करके ले जाने के बाद ही हत्यारोपी ने पहले कुकर्म किया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद वह घर भी आ गया। पिता अफजल ने बताया कि सीसीटीवी में कैद होने के चलते सैफ ने अरहान को पहली गली से बुलवाया और खुद दूसरी गली पर खड़ा हो गया। उसे यह पता नहीं थी कि वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
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