इतने भीषण हादसे को देखकर हर कोई द्रवित होता दिखा। सुरीर पुलिस और एक्सप्रेसवे कर्मियों ने तत्काल एंबुलेंस बुलवाकर घायलों को जिला अस्पताल और प्राइवेट हॉस्पिटलों को भिजवाया। मकसद था कि गंभीर घायलों की जान बचाई जा सके। जिला अस्पताल से छह लोगों को गंभीर हालत में आगरा के एसएन मेडिकल रेफर कर दिया गया। कोतवाल नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रोशन कुमार 31 बर्षीय पुत्र भूषण सिंह निवासी वार्ड 3 नया नगर बेगूसराय, राम कुमार 43 पुत्र रामबहादुर शाह निवासी कमलपुर वार्ड 13 बिरौल दरभंगा बिहार और राम कुमार 35 बर्षीय पुत्र अकलू पंडित निवासी अंबा निरोला दरभंगा की मौत हुई है। करीब 40 घायल हुए हैं। इनमें छह गंभीर घायलों को आगरा रेफर किया गया है।
होली मनाने के लिए घर जा रहे थे सभी
होली की खुशियां मन में बसाए गांव जा रहे मजदूरों और उनके परिवार को क्या मालूम थी कि आगे वह हादसे का शिकार हो जाएंगे। उनकी सारी होली की खुशियां काफूर हो गईं। कई परिवार तो शरीर से लाचार तक हो गए हैं तो किसी का परिवार का मुखिया चला गया या फिर किसी का बेटा भी चला गया। अब केवल इनके आंखों में आंसू के अलावा कुछ भी नहीं है। बार-बार अपनी तरफ देखकर परिवार के सदस्य को याद करना नहीं भूल रहे। इन मजदूर परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। किसी के परिवार में मौत हो गई है तो कोई जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। एक घंटे तक रेस्क्यू, २० एंबुलेंस से भिजवाए घायल यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में पुलिस प्रशासन का बचाव व राहत कार्य करीब एक घंटे तक चलता रहा, वहीं डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि 20 एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और जो सवारियां बची हुई हैं उनको भी गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इंतजाम किए गए हैं। कुछ जो चुटैल हुए हैं, वह वापस दिल्ली चले गए हैं।
