हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जंक्शन का वाहन स्टैंड अपराधियों के लिए वाहन छिपाने का सबसे मुफीद स्थान बन गया है। कई वर्षों से वाहन स्टैंड पर खड़ीं करीब 30 से अधिक बाइक अपनी पहचान का इंतजार कर रही हैं। आशंका है कि इनमें से अधिकांशत बाइक वारदातों में शामिल हो सकती हैं। जंक्शन पर बाइक स्टैंड पर वाहन खड़ा करना सबसे आसान है। वाहन खडे़ करने वाले को अपनी कोई पहचान बताने की आवश्यकता नहीं है। बस एक पर्ची कटवाकर कोई भी वाहन आसानी से यहां पर सुरक्षित खड़ा किया जा सकता है। जंक्शन की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली आरपीएफ, जीआरपी की लापरवाही का आलम यह है कि जंक्शन पर खड़ी हुई करीब 30 बाइक लावारिस हालत में पिछले कई वर्षों से खड़ी हैं। इन बाइकों की तरफ न तो ठेकेदार का ध्यान गया और न ही जंक्शन की सुरक्षा एजेंसियों का। पिछले दिनों जब यार्ड में काम होने के कारण वाहन स्टैंड का दायित्व रेलवे ने अपने हाथों में लिया तो इन वाहनों की जानकारी हुई। जिसके बाद आरपीएफ ने इसकी जानकारी जीआरपी को दी और इन बाइक की पहचान करने के लिए कहा।
आरपीएफ थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी ने बताया कि करीब 30 से अधिक बाइक वाहन स्टैंड पर लावारिस हालत में खड़ी हैं। जिनके बारे में कुछ जानकारी नहीं है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बाइक आपराधिक वारदातों की हैं या फिर कोई छोड़ गया है। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक विकास सक्सेना ने बताया कि इन बाइकों के इंजन नंबर चेसिस नंबर एआरटीओ कार्यालय भेजे जा रहे हैं।
अधिकांशत बाइक की पहचान करना चुनौती हो सकता है। क्योंकि बाइक बारिश धूल मिट्टी के चलते जंग खाने लगी हैं और उनके इंजन नंबर चेसिस नंबर भी मिटने लगे हैं। कई बाइक के तो कल पुर्जे भी चोरी कर लिए गए हैं।
वर्ष 2006 में सियासत में भूचाल ला देने वाले कविता चौधरी मर्डर केस से संबंधित एक कार मथुरा जंक्शन पर मिली थी। वह कार भी इसी प्रकार से लावारिस खड़ी थी। बाद में जब किसी ने सूचना दी तो कार की पहचान हत्या में प्रयोग की जाने वाली कार के रूप में किया गया।
वर्ष 2006 में सियासत में भूचाल ला देने वाले कविता चौधरी मर्डर केस से संबंधित एक कार मथुरा जंक्शन पर मिली थी। वह कार भी इसी प्रकार से लावारिस खड़ी थी। बाद में जब किसी ने सूचना दी तो कार की पहचान हत्या में प्रयोग की जाने वाली कार के रूप में किया गया।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
