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मथुरा। फरह में कल्पतरू कंपनी की 66.32 करोड़ की संपत्ति कुर्क

ByVijay Singhal

Feb 11, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। फरह पुलिस और प्रशासन ने चुरमुरा में फ्लैट की एवज में खरीदारों को 150 करोड़ की चपत लगाने वाली कल्पतरू कंपनी की 66.32 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। प्रशासन की ओर से शुक्रवार को मुनादी कराकर कुर्क की गई यह संपत्ति चुरमुरा, पौरी और बधाया में बताई जा रही है। एसडीएम सदर अजय जैन, सीओ रिफाइनरी हर्षिता सिंह, थाना फरह एसएचओ राजकमल सिंह और पुलिस टीम सबसे पहले चुरमुरा पहुंची। यहां कल्पतरू कंपनी की बेशकीमती जमीन को कुर्क किया गया। यहां आधे बने फ्लैट भी कुर्क किए गए। इसके बाद पौरा और बधाया में भी संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की।एसएचओ ने बताया कि यह कंपनी जालसाज जयकृष्ण सिंह राणा की थी। थाना फरह में जनवरी में कंपनी के निदेशकों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। कंपनी ने न तो फ्लैट दिए और न ही खरीदारों को उनकी रकम वापस हो सकी। इस मामले में साल 2017 से 2020 तक करीब 46 मुकदमे दर्ज कराए गए थे।

मोतीकुंज निवासी जयकृष्ण सिंह राणा ने कल्पतरू कंपनी खोली और अपने साथियों को निदेशक बनाकर जालसाजी का खेल शुरू किया। राणा ने सबसे पहले चिटफंड कंपनी खोली। पैसा दोगुना करने की एवज में लोगों को झांसे में लिया। इसके बाद चुरमुरा सहित अन्य जगहों पर फ्लैट बनाने शुरू किए। इन फ्लैटों की बुकिंग की एवज में सोनीपत, पानीपत, आगरा, अलीगढ़, मथुरा और अन्य जनपदों के लोगों से मोटी रकम वसूली, लेकिन आज तक फ्लैट तैयार नहीं हुए हैं। इससे पैसा लगाने वाले खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।कई बार इन लोगों ने चुरमुरा आकर विरोध प्रदर्शन भी किया पर पुलिस की मिलीभगत से जयकृष्ण सिंह राणा इन पर भारी पड़ा। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई तो मुकदमे दर्ज कराए गए। मथुरा और आगरा के थानों में भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। जयकृष्ण सिंह राणा की मौत हो चुकी है, लेकिन पुलिस ने जिंदा रहते उसे पकड़ने की जहमत तक नहीं उठाई। सेबी ने वर्ष 2003 में जयकृष्ण सिंह राणा से जुड़े 250 से अधिक कार्यालयों को बंद कराकर सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए थे। कोर्ट ने इस मामले में जयकृष्ण सिंह राणा को भगोड़ा भी घोषित किया था। कोरोनाकाल में 16 अप्रैल की शाम 6 बजे नयति हॉस्पिटल में जेके सिंह (54) पुत्र दौलतराम निवासी महोली रोड के नाम से एक कोरोना संक्रमित भर्ती कराया गया था, जिसकी रात 8.30 बजे मौत हो गई। उसके बेटे जयकरण ने शव को अपनी सुपुर्दगी में लिया और 17 अप्रैल को मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जेके सिंह को जयकृष्ण राणा बताया गया और पुलिस विभाग ने उसकी मौत की जांच भी की, जो आज तक चल रही है।
एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने कहा कि वे नहीं मानते कि जयकृष्ण राणा मरा है। उसके विरुद्ध जांच आज भी चल रही है। राणा निवेशकों और किसानों से जमीन दिलाने और दूसरे मदों में करोड़ों रुपये की जालसाजी करके फरार हो चुका था। बाद में उसकी मौत का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस को इस पर विश्वास नहीं हुआ था। इसी वजह से आज भी जांच जारी है।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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