हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में वसंत पंचमी के पर्व पर बांकेबिहारी मंदिर इलाके का बाजार पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों के आह्वान पर सुबह से बाजार बंद होने से देश भर से आए श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। हमेशा भीड़ से भरे रहने वाले मंदिर के आसपास के बाजारों में सन्नाटा रहा।बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के विरोध में मंदिर सेवायत गोस्वामी, स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों का आंदोलन चल रहा है। कॉरिडोर के विरोध-प्रदर्शन के दौरान बाजार बंदी का एलान किया गया था। वसंती पंचमी जैसे त्योहार के बावजूद मंदिर और उसके आसपास की दुकानें सुबह से बंद देखीं गईं। आंदोलनकारी ब्रजवासियों का कहना है कि इस विरोध-प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। शासन-प्रशासन के खिलाफ सभी व्यापारी और वृंदावन के लोग एकजुट होकर प्रस्तावित बांकेबिहारी कॉरिडोर के विरोध में खुलकर सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि ब्रज के प्राचीन स्वरूप, कुंज गलियों के अस्तित्व को बचाने, यहां कई-कई पीढ़ियों से रहने वाले लोगों के आशियानों को न उजाड़ने तथा व्यापारियों के हितों के संरक्षण के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष किया जाएगा। अमित, गोपाल, शिवकुमार, घनश्याम, पुरुषोत्तम शर्मा, नोनी पुरोहित, श्याम सुंदर शर्मा, राजेश, शीतल, मानक, विकास, सुनील, मोंटू, मुन्ना, अलोकिक, यशु, आशीष, मनोज, आशु, गुंजन, शालू, भिक्की, राजेश, रघु, मोनू, मदनमोहन, मोहन, गिरधर, सुजीत आदि शामिल थे।
माला प्रसादी भी नहीं मिल सकी
बाजार बंदी के कारण श्रद्धालु माला प्रसाद के साथ खाने-पीने की वस्तु और ठाकुरजी के शृंगार आदि खरीदने के लिए परेशान दिखे।
नारायणी सेना ने दिया समर्थन नारायणी सेना ने भी बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर का विरोध किया है। नारायणी सेना की नारी शक्ति प्रमुख शीतल आचार्य ने कहा कि हम कॉरिडोर के विरोध में हैं और अपना समर्थन वृंदावन बचाओ ब्रज बचाओ समिति को देते हैं। उन्होंने कहा कि वृंदावन धाम प्राचीन धरोहर है। यहां घर- घर में तुलसी, ठाकुर सेवा का महत्व है। यहां प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जिनमें सैकड़ों वर्षों से हमारे पूर्वज सेवा करते आ रहे हैं और आज सरकार इन सबको नष्ट कर खेल का मैदान बनाना चाहती है। नारायणी सेना जान दे देगी पर कॉरिडोर नहीं बनने देगी।
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Author: Vijay Singhal
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