हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। टैंटीगांव में केंद्र सरकार द्वारा ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग को नये रूप में विकसित किया जा रहा है। कई स्थानों पर परिक्रमा मार्ग के वास्तविक मार्ग को योजना में शामिल नहीं किए जाने का विरोध आरंभ हो गया है। 298 किमी लंबे परिक्रमा मार्ग में सुरीर क्षेत्र व मांट ब्लॉक के गांव मीरपुर, बरौठ, सुल्तानपुर, सुरीर, परसोती गढ़ी, टैंटीगांव, हरनौल, नसीटी, कुड़वारा, नया नगला, दरबे आदि गांवों को शामिल नहीं किया गया है। इससे लोगों में रोष है। गांव हरनौल में ग्रामीणों की पंचायत हुई। इसमें परिक्रमा मार्ग में हुए बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और आंदोलन की रणनीति बनाई। मुरारी लाल ने कहा कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा गांव से होकर गुजरती है, नये मार्ग में हरनौल गांव को शामिल नहीं किया गया है। मानपाल चौधरी ने कहा है कि ब्रज मनमाने ढंग से मार्ग का चयन किया जा रहा है। हरनौल का पौराणिक महत्व होने के साथ हिडोल वन से भी पहचान है। बच्चू सिंह चौधरी ने कहा कि हरनौल में कदंब के वृक्ष, सात कुंड व गोपालजी का मंदिर है। ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि परिक्रमा मार्ग में बदलाव होने से भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचेगी।
ब्रज चौरासी कोस को लेकर सोनई क्षेत्र के निवासी अनसन करेंगे। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के सौंदर्यीकरण कराए जाने में मार्ग बदलने को लेकर सोनई क्षेत्र के लोगों ने आक्रोश जताया है।
क्षेत्रीय ग्रामीण परिक्रमा मार्ग को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इससे पूर्व सोनई क्षेत्र के ग्रामीणों ने टैंक चौराहे से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च किया। कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा है कि 6 फरवरी से सोनई के लहचोरवन पर अनशन की शुरूआत की जाएगी। परिक्रमा मार्ग संघर्ष समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र कौशिक ने कहा कि चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग को सोनई होकर निकाली जाए। इस दौरान गंगाधर वर्मा, नीरज सोलंकी प्रधान, लक्ष्मण सिंह, बलबीर सिंह, सुग्रीव सिंह, मनीष कुमार रावत, अनुराग शुक्ला, हरिओम सिंह, काका बच्चू सिंह, रघुवीर सिंह, राधेश्याम प्रधान, राजबीर सिंह, विजेंद्र उपाध्याय, कुंवर पाल सिंह, नथाराम पाठक, हरिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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