हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्रदेश में हुए सबसे बड़े फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से निकल आया है। इस घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक आरोपी शिक्षक को उसके फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। दो अन्य आरोपियों पर भी शीघ्र ही कार्रवाई हो सकती है। वर्ष 2018 में मथुरा में प्रदेश के सबसे बड़े फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले का एसटीएफ ने खुलासा किया था। इस प्रकरण में मुख्य आरोपियों के साथ दलाल भी गिरफ्तार किए गए थे। इन्हीं में से एक मुख्य आरोपी रविंद्र भी था। बाद में विभाग ने रविंद्र के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया तो इसमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र बोर्ड ऑफ एजुकेशन हायर सेकेंडरी दिल्ली के पाए गए, जो कि पूरी तरह अवैध थे। इस मामले में कई स्तरीय जांच के बाद बीएसए सुनील दत्त ने हाल ही में रविंद्र को उसकी नौकरी से बर्खास्त कर दिया। रविंद्र की तैनाती विकासखंड फरह के प्राथमिक विद्यालय नगला हरिया में थी और वह निलंबित चल रहा था। इस मामले में विभिन्न कमेटियों के माध्यम से जांच कराई गई थी। इसके बाद बीएसए ने यह निर्णय लिया है। इससे भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपियों में खलबली मच गई है। उन्होंने मथुरा से लेकर लखनऊ तक सिफारिशें लगाना शुरू कर दिया है। ताकि वह कार्रवाई की जद में आने से बच सकें। अन्य दो के खिलाफ भी जल्द कार्यबाही हो सकती है। सुनील दत्त, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी रहे रविंद्र के शैक्षिक प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए थे। इस आधार पर उनकी बर्खास्तगी की गई है। शीघ्र ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
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Author: Vijay Singhal
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