हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में भक्तिवेदांत स्वामी मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण दिवस जन्माष्टमी भक्ति भाव के साथ मनाई गई। मंदिर परिसर को भक्तों ने विभिन्न पुष्पों से सुसज्जित किया। उत्सव के मुख्य आकर्षणों में लड्डू गोपाल अभिषेक, छप्पन भोग, विशेष पोशाक धारण, झूलन उत्सव, भजन संध्या और हरिनाम संकीर्तन शामिल रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री श्री राधा वृंदावन चंद्र का महाभिषेक पंचगव्य (दूध, दही, घी, शहद, मिश्री), 108 प्रकार के फलों के रस, औषधियों और पुष्पों से किया गया। हरे-श्याम रंग के रेशमी और चांदी की कढ़ाईयुक्त वस्त्र पहनाए गए, वहीं निताई गौरांग को विशेष अलंकरण और पुष्पमालाओं से सजाया गया। मंदिर अध्यक्ष श्री चंचलापति दास ने अपने संबोधन में ब्रह्मसंहिता के श्लोक ईश्वरः परमः कृष्णः सच्चिदानंद विग्रहः। अनादिरादिर्गोविंदः सर्वकारणकारणम्॥ का भावार्थ बताते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ही पूर्ण परमात्मा हैं। उनका शरीर शाश्वत और आध्यात्मिक है, जिसका न आदि है और न अंत। वे ही सभी कारणों के मूल कारण हैं। रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ, संपूर्ण मंदिर परिसर श्रीकृष्ण के जयकारों और हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा। भक्तगण स्वाती मिश्रा ने भजन सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया। लखनऊ, आगरा, दिल्ली, जयपुर सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति वृंदावन पहुंचे।
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Author: Vijay Singhal
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