• Tue. Mar 17th, 2026

वृंदावन में राष्ट्रपति के चश्मे की बंदरो से सुरक्षा के लिए लेजर लाइट, लाठी-डंडे, गुलेल से होगी

ByVijay Singhal

Mar 17, 2026
Spread the love

 

हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा। व्रन्दावन में झपट्टा मारकर आंखों से चश्मा निकालने वाले वृंदावन के बंदरों के बारे में सुना होगा। यह शरारती बंदर अब अधिकारियों की परेशानी का कारण बन गए हैं। तीन दिवसीय प्रवास पर आ रहीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु का काला चश्मा बंदरों से बचाने की कवायद में अधिकारियों की नींद उड़ी है।बंदर से महामहिम का चश्मा बनाने के लिए गुलेल और लाठी-डंडे से लैस वन विभाग के कर्मचारी तैनात होंगे। उन्हें डराने के लिए लंगूरों के स्टेच्यू भी लगाए जाएंगे। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीन दिवसीय प्रवास पर 19 मार्च को मथुरा आ रही हैं। वह वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और स्थलों का दौरा करने के साथ ही रामकृष्ण मिश्रन सेवाश्रम चैरिटेबल हास्पिटल के नए कैंसर ब्लाक का लोकार्पण करेंगी। कर्मचारियों के साथ ही एक और काम किया जा रहा है। यह है लंगूर के स्टेच्यू लगाने का। जगह-जगह लंगूर के स्टेच्यू भी लगाए जाएंगे, जिससे बंदर उन्हें देखकर पास न आएं। दरअसल, पहले वीआईपी के दौरे पर कुछ प्रशिक्षकों को लंगूर के साथ तैनात किया जाता था। लंगूर को देखकर बंदर पास नहीं आते। लेकिन वाइल्ड लाइफ के नियमों के मुताबिक, यह ऐसा करना प्रतिबंधित है, ऐसे में अब लंगूर का उपयोग नहीं होता है। उनके स्थान पर स्टेच्यू बनाए जाएंगे।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You missed

विदेशी भक्त जानते हैं यमुना की अहमियत, घाटों पर इसलिए कर रहे सफाई नेशनल प्रेस टाइम्सः ब्यूरो मथुरा। यमुना और घाटों पर व्याप्त गंदगी देख वृंदावनवास कर रहे विदेशी कृष्ण भक्त आहत हैं। उन्होंने घाटों को स्वच्छ रखने और लोगों को यमुना प्रदूषण मुक्ति के लिए जागरूक करने का प्रण लिया है। इसके लिए हरिनाम संकीर्तन के साथ सफाई अभियान शुरू किया गया है। परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना कुंज में रह रहे जर्मनी के कृष्ण भक्त भक्ति आलोक परमाद्विवेती ने यमुना किनारे गंदगी और प्रदूषण को दूर करने के लिए स्वच्छता अभियान की शुरूआत कराई। अभियान में स्विट्जरलैंड, कोलंबिया, चिली, बेल्जियम, इक्वाडोर निवासी माधव कृष्ण, सुदेवी, भक्ति देवी दासी, देव, माखनचोर, निहा सहित 12 भक्तों को जोड़ा है। यह लोग प्रतिदिन हरे कृष्ण महामंत्र के साथ यमुना किनारे सुबह सफाई अभियान चला रहे हैं। आलोक ने बताया कि वह न सिर्फ घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा फेंकी गई प्लास्टिक एवं कचरे को उठाकर एकत्रित कर रहे हैं वहीं श्रद्धालुओं को यमुना को प्रदूषित न करने की अपील भी कर रहे हैं। यमुना स्वच्छता अभियान की संयोजक अक्वाडोर निवासी भक्ति दासी ने कहा कि यमुना की दशा देख मन विचलित हो जाता है। जिस यमुना को भक्तजन मां पुकारते हैं, उसी में दूषित जल जा रहा है। घाटों पर कब्जे हो रहे हैं। यमुना किनारे कचरा फेंका जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही विदेशी कृष्ण भक्तों का दल नगर आयुक्त से मिलकर सहयोग की अपील करेगा।