हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिले में कोसी-नंदगांव-बरसाना-गोवर्धन-सौं ख-मथुरा और मथुरा-राया (यमुना एक्सप्रेस-वे मार्ग तक) मार्ग अब फोरलेन होगा। इसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लंबाई 86.913 किमी) की लागत 505.71 करोड़ से बढ़कर 786.74 करोड़ हो गई है। शासन ने इस पुनः पुनरीक्षित परियोजना की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी है। मथुरा में कोसी नंदगांव बरसाना-गोवर्धन-सौख-मथुरा एवं मथुरा-राया (यमुना एक्सप्रेस-वे मार्ग तक) मार्ग का चारलेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति शासन ने 2016 में दी थी। इस सड़क की लंबाई 86.913 किमी है। इस परियोजना की लागत 505.71 करोड़ रुपये थी, लेकिन इस परियोजना में कई तरह की दिक्कतें सामने आईं। इस मार्ग को फोरलेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराए जाने के लिए ताज ट्रेपेजियम जोन के प्रावधानों को देखते हुए वन विभाग से 12982 वृक्षों के काटने की अनुमति नहीं मिल पाई। दूसरी ओर राजस्व विभाग से वन विभाग को क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए 125 हेक्टेयर भूमि भी उपलब्ध नहीं हो पाई। इस कारण मार्ग को फोरलेन के स्थान पर 02 लेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराये जाने के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति 10 सितंबर 2021 को दी गई, जिसकी लागत 294.88 करोड़ रुपये थी। इस मार्ग को अब शासन ने एक बार फिर से फोरलेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराए जाने की परियोजना स्वीकृत की है, लेकिन इसकी लागत में वृद्धि के कारण वित्त समिति पुनः पुनरीक्षित लागत 786.74 करोड़ की राज्यपाल ने प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। उत्तर प्रदेश शासन के उप सचिव राज कुमार ने इसका पत्र मंडलायुक्त आगरा, जिलाधिकारी मथुरा और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है। कहा गया है कि इसमें देरी होने या परियोजना की लागत में वृद्धि की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की होगी और बढ़ी लागत की धनराशि उनके वेतन से वसूल की जाएगी। परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई एवं रोपाई के लिए वन विभाग को 27.36 करोड़, जल निगम 1.26 करोड़ और फेंसिंग के लिए वन विभाग की भूमि के लिए 7.50 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है। मार्ग के चौड़ीकरण में आने वाले वृक्षों के काटने पर वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए जाने के साथ-साथ ही उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाएगा। इसके लिए पेड़ों की गिनती भी कराई जाएगी। साथ ही राज्य सरकार/केंद्र सरकार की अन्य संबंधित संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए जाएंगे। विद्युत निगम की यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 44 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य कराए जाने से पूर्व यूटिलिटी शिफ्टिंग का विद्युत निगम से सक्षम स्तर से अनुमोदित विस्तृत आंकलन कराया जाएगा। विद्युत निगम की यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए एनएचएआई के मानकों का अनुपालन किया जाएगा। यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य इस प्रकार किया जाएगा कि भविष्य में मार्ग के चौड़ीकरण में व्यवधान उत्पन्न न हो तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग की फिर जरूरत महसूस हो। इस परियोजना के निर्माण के लिए 31.99 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए 188.43 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। परियोजना के लिए आवश्यक मिट्टी की मात्रा के दृष्टिगत विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परियोजना के लिए मिट्टी जिन किसानों के खेतों से प्राप्त की जानी है, उन किसानों के नाम, ग्राम व उनके खेतों के खसरे का नंबर, किस किसान के खेत के किस खसरा नंबर से कितनी मिट्टी प्राप्त की जाती है, उसका किसानवार, खसरावार मिट्टी की मात्रा और किसानवार भुगतान की गई धनराशि संबंधी सूचनाओं का विवरण एकत्र होगा। अजय कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड ने कहा, कोसी-नंदगांव बरसाना-गोवर्धन-सौख-मथुरा एवं मथुरा राया रोड को फोरलेन किए जाने की स्वीकृति मिल गई है। गौसना टीले के पास या यमुना एक्सप्रेस-वे से आगे जमीन फोरलेन के लिए नहीं मिल पा रही है, शेष पूरे मार्ग को फोरलेन किया जाएगा।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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