हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। फरह थाना क्षेत्र स्थित ओल कस्बे के गांव गांजोली के मार्ग से 12 वर्षीय बालक का अपरण करने के आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बालक को उनके चंगुल से सकुशल बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव तुरकिया निवासी दो दोस्तों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी स्तर से 25 हजार रुपये पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र दिया गया है। वहीं, डीजीपी स्तर से मेडल दिलाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बुधवार रात पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया। बताया कि आगरा स्थित अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव तुरकिया निवासी देवेंद्र, इसी गांव के खड़ग सिंह उर्फ अरब आगरा को करनाल नहर शहजादपुर गुर्जर पुलिया के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। देवेंद्र के दोनों और खड़ग सिंह के एक पैर में गोली लगी। इनकी निशानदेही पर अपहृत बालक रूपेश चौधरी पुत्र मनोज कुमार निवासी ग्राम गांजौली, फरह को शहजादपुर गुर्जर पुलिया के पास एक गड्ढे में हाथ-पैर व मुंह बंधी हुई हालत में बरामद किया गया। गिरफ्तारी व खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर फरह कमलेश सिंह, वृंदावन इंस्पेक्टर रवि त्यागी, सदर बाजार इंस्पेक्टर संजीव कुमार दुबे, जमुनापार इंस्पेक्टर छोटेलाल, स्वाट प्रभारी अभय शर्मा, सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा, एसओजी प्रभारी राकेश कुमार, एसआई नितिन त्यागी, नितिन तेवतिया, अर्जुन सिंह, केशव वशिष्ठ, अशोक कुमार व इनकी टीम शामिल रही। एसपी क्राइम अवनीश मिश्रा ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह बच्चे का अपहरण करने के बाद उसे यहां से सीधे धौलपुर ले गए थे। वहां से रात भर उसे धौलपुर के इलाकों में घुमाने के बाद सैपऊ, रूपवास, बसई नवाब, मनिया इलाके में लेकर घूमते रहे। बदमाश इतने शातिर हैं कि वह किसी एक स्थान पर अधिक देर तक नहीं रुके। रात भर यह स्थान बदलते रहे। रात भर उसे भूखे पेट रखा। बुधवार सुबह उसे एक भंडारे में खाना खिलाया। बच्चे ने बताया कि उसने कुछ लोगों की ओर मदद भरी निगाहों से देखा तो बदमाशों ने उसे हथियार दिखाकर डरा दिया था। अपहरण के लिए देवेंद्र ने अपने भाई की बाइक का इस्तेमाल नंबर प्लेट बदलकर किया। जांबाज टीम के सामने चूर हुआ आपराधिक मंसूबा वर्षों बाद मथुरा जिले में हुई किसी बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज वारदात ने डीजीपी मुख्यालय को भी हिलाकर रख दिया। रात भर लखनऊ मुख्यालय से एसएसपी मथुरा को फोन कर वारदात की पल-पल की अपडेट ली जा रही थी। एसएसपी ने वृंदावन इंस्पेक्टर रवि त्यागी, इंस्पेक्टर छोटेलाल, स्वाट प्रभारी अभय शर्मा, एसआई नितिन त्यागी को लगाया। दूसरी टीम में फरह इंस्पेक्टर कमलेश सिंह, जमुनापार इंस्पेक्टर संजीव दुबे, सर्विलांस, एसओजी की तैयार हुई।
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Author: Vijay Singhal
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