हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना स्थिति रांकौली पहाड़ को हरा-भरा बनाया जाएगा। इस प्रक्रिया में भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय प्रजातियों वाले पौधों की प्रजातियाें का रोपण किया जाएगा। इसमें कदंब, बरगद, पाकड़, पीपल और नीम को वरीयता मिलेगी। इससे न केवल पहाड़ का रंग-रूप बदलेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
बरसाना के रांकौली पहाड़ पर ईको रेस्टोरेशन ( पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जिवित करने) के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और दिल्ली की अमयात्मा चेरिटेबल फाउंडेशन के बीच इस वर्ष जनवरी माह में एमओयू साइन हुआ था। सीएसआर के आधार पर यह संस्था पहाड़ के ईको रेस्टोरेशन पर काम कर रही है। दरअसल अब जो पहाड़ से प्राकृतिक वनस्पति समाप्त हो गई है, उसे दोबारा से लगाने का काम शुरु किया गया है।
इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ एसबी सिंह, डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय, पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा के साथ संस्था की फाउंडर अभिलाषा रंजन ने रांकौली पहाड़ का निरीक्षण किया। एमओयू के तहत यह सहमति बनी है कि रांकौली पहाड़ का ईको रेस्टोरेशन संस्था सीएसआर फंड से कराएगी, जबकि उसकी तार फेंसिंग मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण कराएगा। अभी तक यहां दोबारा से वनस्पति और पेड़ पौधे उगाने के लिए संस्था की ओर से करीब एक माह से बेसलाइन सर्वे किया गया है।
इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ एसबी सिंह, डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय, पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा के साथ संस्था की फाउंडर अभिलाषा रंजन ने रांकौली पहाड़ का निरीक्षण किया। एमओयू के तहत यह सहमति बनी है कि रांकौली पहाड़ का ईको रेस्टोरेशन संस्था सीएसआर फंड से कराएगी, जबकि उसकी तार फेंसिंग मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण कराएगा। अभी तक यहां दोबारा से वनस्पति और पेड़ पौधे उगाने के लिए संस्था की ओर से करीब एक माह से बेसलाइन सर्वे किया गया है।
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Author: Vijay Singhal
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