हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन/एकता और सात्विक शक्ति को अपनाने से भारत आने वाले 20 साल में विश्व गुरु बनकर संपूर्ण दुनिया को सुख, शांति देने वाला नया हिंदू और धर्म राष्ट्र बनेगा। इसको कोई नकार नहीं सकता, क्योंकि भारत का जन्म ही इसलिए हुआ है। इसके लिए हिंदुओं को तैयारी में लग जाना है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह बातें कुंभ मेला क्षेत्र स्थित सुदामा कुटी के शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कहीं। उन्होंने संत, महंतों के सानिध्य में दीप प्रज्ज्वलन कर महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान कहा कि पिछले 50 साल के अनुभव से पता चलता है कि जैसे-जैसे हिंदू एक हुआ, राष्ट्र विरोधी ताकतों के टुकड़े होते गए। राष्ट्रविरोधी शक्तियों का सामना करने के लिए हिंदुओं को भक्ति के आधार पर सबको अपना मानकर और आत्मबल का बोध लेकर सात्विक शक्ति के आधार पर कर्म करना होगा। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के वर्तमान हालातों को इंगित करते हुए कहा कि सिर्फ शक्ति है तो वह सारी दुनिया को सताते हैं और महाशक्ति बनते हैं, लेकिन भारत में अमरत्व की शक्ति है। कितनी भी डरावनी परिस्थितियां आईं, लेकिन भारत उनका सामना करते हुए आगे बढ़ा। काम के लिए ध्यान और कर्म चाहिए, लेकिन भक्ति के बिना ज्ञान रावण जैसा हो जाता है। भक्ति के साथ ज्ञान और कर्म होने से अपने और दूसरों के जीवन में शांति व आनंद की प्राप्ति संभव है। इसलिए भक्ति जरूरी है। भक्ति एक शक्ति है। संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदुओं की तैयारियों की कमी के कारण भक्ति रूठती है। वह तैयारी भक्ति से ही संभव है। इसलिए परिस्थितियों से मुकाबला करने के लिए उस भक्ति और अपनेपन को जगाने की जरूरत है।
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Author: Vijay Singhal
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