हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीपहाड़ी बाबा भक्तमाली गोशाला में श्रीमद्जगदगुरु द्वाराचार्य मलूक दास महाराज के 452 वें जयंती महोत्सव पर मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि भारत भूमि को गो हत्या के कलंक से मुक्ति दिलवाना आवश्यक है। संत मलूक दास महाराज ने भी चार मुगल बादशाहों के कालखंड में गोहत्या और धर्मांतरण पर प्रतिबंध की आवाज उठाई थी। देश में सनातन धर्म के मानबिंदुओं की रक्षा करना भी सभी देशवासियों का कर्त्तव्य है। इस दिशा में सभी को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत मलूक दास का आविर्भाव वैशाख कृष्ण पंचमी को हुआ और ठीक 108 वर्ष के बाद इसी तिथि पर उनका तिरोभाव हुआ। यही नहीं, अपनी अंगुलियों के आधार पर उनका शरीर भी 108 अंगुल का था। उन्होंने अकबर से लेकर औरंगजेब तक 4 मुगल बादशाहों का शासनकाल देखा ही नहीं, अपितु चारों को अलग अलग बार सनातन धर्म और मानवता विरोधी कार्यों के लिए अपनी साधना के बल से रोका भी। उनको ओड़ीशा में विदुरजी का अवतार भी कहा जाता है। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज संत मलूक दासजी के सिद्धांत का पालन करने और सनातन ध्वजा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि संघ देश का सच्चा भक्त है। संघ के लोग बिना किसी मोहमाया के लिए देश हित में कार्य करते हैं। मेरा यह सौभाग्य है जो संघ प्रमुख के सामने अपने विचार रख रहा हूं। मंच का संचालन करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास संत मलूक दासजी की परंपरा के सच्चे संवाहक हैं। इस अवसर पर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनरायण चौधरी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह संग कई संत मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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