हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। हम तो डूबेंगे ही सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे…ये कहावत 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) नरेंद्र तरकर पर फिट बैठती है। एंटी करप्शन टीम की पूछताछ में नरेंद्र ने कई भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों के नाम उगले हैं। ये कर्मचारी अब टीम की रडार पर आ गए हैं। यही कारण है कि सदर तहसील के कर्मचारी फरियादियों को भी पैनी नजर से देख रहे हैं। शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम ने सतोहा के असगरपुर निवासी कॉन्तेय और मुरारी लाल की शिकायत पर कानूनगो नरेंद्र को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। एक वरिष्ठ अधिकार के अनुसार तो एंटी करप्शन टीम की पूछताछ में नरेंद्र ने कई कर्मचारियों के नाम बताए हैं, जो काम कराने की एवज में फरियादियों से घूस लेते हैं। वह भी मोटी रकम का खेला करते हैं। मामले का राजफाश होने के बाद टीम ने इन कर्मचारियों को भी रडार पर ले लिया है। हालांकि ये कर्मचारी नरेंद्र के पकड़े जाने के बाद सतर्क हो गए हैं। बाद गांव के एक दिव्यांग व्यक्ति ने लेखपाल पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। फरियादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ता सूर्य प्रताप का आरोप है कि वह अपनी जमीन बेचना चाहते हैं, लेकिन लेखपाल उसमें अड़ंगा लगा रहे हैं। लेखपाल ग्राहकों को भड़का देते हैं कि यह जमीन विवादित है। इसलिए कोई ग्राहक लेने को तैयार नहीं हो रहा है। आरोप है लेखपाल ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की है। रकम नहीं देने पर वह ऐसा कर रहे हैं। एसडीएम सदर अभिनव जे जैन का कहना है मामला संज्ञान में नहीं है। अगर कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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