हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के बलदेव दाऊ जी मंदिर में हुरंगा के रंग में हुरियारे और हुरियारिनें रंग गए। मंदिर के पट खुलते ही परिसर रंगीन तालाब के रूप में नजर आने लगा। इसमें लोग उछल-कूदकर एक-दूसरे पर रंग डाला। करीब तीन घंटे के समारोह में हर कोई राधे-कृष्ण और बलदाऊ के जय-जयकार किए जा रहा था। यहां रंग और गुलाल हर जगह उड़ता हुआ नजर आ रहा था। इस दौरान होली के गीतों से मंदिर परिसर गूंज रहा था। हुरंगे के दौरान लोगों ने घरों में भांग घोंटकर परंपरा अनुसार दाऊ जी महाराज को भांग चढ़ाया। इसके बाद मंदिर में रंगों से भरे हजो से रंग को बाल्टी से निकालकर हुरियारे, हुरियारिनों पर डाला। हुरियारिनों पर जब रंग गिरा तो उन्होंने हुरियारों के कपड़े फाड़ डाले। इसका कोड़ा बनाकर उन्हें प्यार से पीटना शुरू किया। खास बात है कि हुरंगा में कोई गोपी रुप हुरियारिन किसी हुरियारे के कमर से नीचे के कपड़े नहीं फाड़ती। हुरंगें के कार्यक्रम के दौरान हुरियारे और हुरियारिनों ने होली के रसिया गाया। इस दौरान मंदिर ढोल, मृदंग और झांझ बज रहे थे। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इसका आनंद लिया।
माना जाता है कि होरी के बाद हुरंगे की शुरुआत ब्रज के राजा बलदाऊ ने की थी। जब श्रीकृष्ण ब्रज को छोड़कर द्वारिका नगरी चले गए थे। तब ब्रजवासी उनकी याद में दुखी रहने लगे। उस वक्त कृष्ण को वापस मथुरा लाने के सभी प्रयास विफल हो गए। इससे पहले जरासंध के हमले से मथुरा को काफी क्षति हुई थी। तब ब्रज में खुशी माहौल बनाने के लिए ब्रजराज बलदाऊ ने वीणा उठाया था। तब उन्होंने हुरंगा का आयोजन किया। मथुरा के डीएम पुलकित खरे एवं एसएसपी शैलेश कुमार पांडे के द्वारा मौके पर पहुंचकर खुद व्यवस्था का जायजा लिया। मोर्चा संभाला वहीं उनके द्वारा इस प्रसिद्ध हुरंगे का भी आनंद लिया गया।
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Author: Vijay Singhal
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