हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र में नाबालिग बेटी के साथ दुराचार करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायधीश पाक्सो एक्ट की कोर्ट द्वारा यह सजा मुकद्दमा दर्ज होने से 68 दिन के अंदर सुनाई गई है। 14 जनवरी को हुई इस वारदात की पीड़िता की मां ने 15 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना रिफाइनरी क्षेत्र में 14 जनवरी को 6 वर्षीय बालिका के साथ पिता द्वारा दुष्कर्म किया गया था। इस मामले की रिपोर्ट 15 जनवरी को बालिका की मां ने आरोपी पिता के खिलाफ थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ धारा 376 AB,323 व 5(M) 6 पोक्सो एक्ट में मुकद्दमा दर्ज कर लिया। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में पीड़िता की मां ने लिखाया कि 14 जनवरी को वह दुकान पर थी। 7 बजे मंडी में पल्लेदारी करने वाला पति वापस आया। जिसके बाद पति बच्चों को लेकर घर शाम 7 बजे चला गया। रात करीब 9 बज कर 30 मिनट पर जब वह दुकान से घर पहुंची तो बेटी का चेहरा लाल पड़ा हुआ था। पूछने पर पीड़िता ने बताया कि उसके पिता ने पिटाई की है और गलत काम किया है। मुकद्दमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपी हरेंद्र पुत्र निहाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन के अंदर थाना रिफाइनरी पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध सबूत एकत्रित किए और 29 जनवरी को आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में गवाहों और सबूतों को कोर्ट के समक्ष रखा जिन्हें कोर्ट ने सही माना। इस मामले में सरकार की तरफ से स्पेशल डीजीसी पाक्सो कोर्ट अलका उपमन्यु ने पैरवी की। एडवोकेट अलका उपमन्यु ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट विपिन कुमार ने आरोपी हरेंद्र को धारा 323 में 1 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया है। जबकि पाक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए का अर्थ दंड लगाया है। अर्थ दंड न देने पर साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। अभियुक्त पर लगाई गई अर्थ दंड की आधी धनराशि पीड़िता की मां को दी जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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