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बांके बिहारी मंदिर में समय बढ़ाने का विरोध मेंपुजारियों ने पुराने समय पर ही खोला मंदिर, कोर्ट ने 11 घंटे तक मंदिर खोलने का दिया था आदेश

ByVijay Singhal

Dec 1, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में बांके बिहारी मंदिर में तय समय के मुताबिक गुरुवार को मंदिर नहीं खुला। आदेश के मुताबिक, सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर मंदिर के पट खुलने थे, लेकिन मंदिर पुराने समय 8 बजकर 45 मिनट पर ही खोला गया। दरअसल, मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने के लिए रिसीवर और सिविल जज सीनियर डिवीजन ने आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत बांके बिहारी में दर्शन का समय 11 घंटे करना था। मंदिर प्रबंधन ने 1 दिसंबर से समय बढ़ाने को लेकर नोटिस जारी किया। नोटिस जारी होने के बाद गुरुवार को नए समय पर मंदिर के पट नहीं खुले। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के रिसीवर और सिविल जज सीनियर डिवीजन ने प्रशासन के अधिकारियों की मांग पर पट खुलने का समय दिन में 11 घंटे किया था। जिसके तहत सर्दियों में सुबह 7 बजकर 30 मिनट से दोपहर 1 बजे तक और शाम को 4 बजे से रात 9 बजकर 30 मिनट तक था। इसी प्रकार गर्मियों में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक और शाम को 5 बजे से रात 10 बजकर 30 मिनट तक दर्शन खुलने का समय दिया गया था। बांके बिहारी के दर्शनों का समय बढ़ाने को लेकर मंदिर के पुजारी विरोध में हैं। सुबह के समय पूजा करने वाले प्रणव गोस्वामी ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला मंदिर निर्धारित समय पर ही खुलेगा। वहीं शयन भोग सेवा अधिकारी और अधिवक्ता हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने का कोई नोटिस भले ही चस्पा कर दिया गया हो, लेकिन कोई भी सेवायत इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं। बांके बिहारी मंदिर में 3 समय की सेवा है। जिसके अनुसार श्रृंगार भोग, राजभोग और शयन भोग। इसी के अनुसार मंदिर में प्रतिदिन 3 आरती होती हैं। मंदिर में पुजारियों को भी इसी प्रकार सेवा का वितरण किया है। मंदिर में 6 महीने राजभोग सेवा करने वाले पुजारी श्रृंगार भोग की सेवा करते हैं वहीं 6 महीने शयन भोग सेवा करने वाले श्रृंगार भोग की सेवा। मंदिर का समय बढ़ाने को लेकर पुजारियों का कहना है कि एक बच्चे को कितना कष्ट दिया जा सकता है। यहां भगवान बांके बिहारी बाल स्वरूप में हैं। उनकी बच्चे की तरह सेवा होती है। जिस तरह एक बच्चे को बड़े नाजों से रखा जाता है उसी तरह भगवान बांके बिहारी को रखा जाता है। गुरुवार को नए समय पर दर्शन खुलने के आदेश जारी होने की जानकारी मिलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही मंदिर के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गई। मंदिर के प्रवेश द्वार 1 नंबर और 2 नंबर के बाहर श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए खड़े नजर आए।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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