हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तराखंड के कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसे देखते हुए प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकारियों को सतर्क किया है। संभावना जताई जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़ेगा। यदि ऐसा हुआ तो मथुरा में पिछले साल की तरह हालात हो सकते हैं। डीएम ने बाढ़ से बचाव व राहत कार्य की तैयारियों के निर्देश एक माह पहले ही दिए थे। मगर, अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर कोई इंतजाम अभी तक नहीं किया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि एक से दो घंटे की बारिश में जलभराव होने वाले शहर को अधिकारी बाढ़ से कैसे बचाएंगे। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर वृंदावन और मथुरा सहित मांट क्षेत्र के निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आते हैं। लोगों के घरों में पानी भर जाता है। उनको पलायन करना पड़ता है। पिछले साल 15 दिनों तक बाढ़ की स्थिति मथुरा जिले में रही थी। उस स्थिति से सबक लेते हुए भी अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किया है। अस्थाई संरक्षण केंद्र तक नहीं बनाए गए हैं। नाला सफाई भी पूरी तरह नहीं हो पाई है। नतीजतन बारिश में ही शहर जलभराव का दंश झेलने लगता है। वहीं, देहात इलाकों के जलाशयों और नहरों की सफाई भी अभी तक पूरी तरह नहीं हुई है। यमुना किनारे के डूब क्षेत्रों का सर्वे भी नहीं कराया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ स्टेरिंग ग्रुप की बैठक मई में ही कर ली थी। बैठक में दिए आदेशों का कितना पालन हुआ है। इसकी समीक्षा के लिए जल्द बैठक की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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