मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि -ईदगाह से जुड़े सभी मामलों को जिला अदालत से हाईकोर्ट स्थानातंरण किए जाने के आदेश के बाद ईदगाह पक्ष की सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले ही पक्षकार रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है। अब इंतजामिया कमेटी के सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले हिंदू पक्ष को सुना जाएगा। यहां की अदालतों में चल रहे सभी मामलों को सूची हाईकोर्ट भेज दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि -ईदगाह से जुड़े सभी मामलों को एक कर हाईकोर्ट में सुनवाई की याचिका दाखिल की थी। गत 26 मई को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए सभी केसों के हाईकोर्ट में सुनवाई का आदेश कर दिया था। इस मामले में इंतजामिया कमेटी के सचिव एडवोेकेट तनवीर अहमद ने बताया था कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और सभी मुकदमों को पुन: मथुरा मेें ही सुनवाई की मांग करेंंगे, लेकिन इससे पहले ही पक्षकार ने केविएट दायर कर दी। मथुरा में कुल 14 दावे अलग-अलग अदालतों में चल रहे हैं जबकि एक दावा ठाकुर जी के श्रीविग्रहों को आगरा की बेगम साहिबा मंस्जिद की सीढि़यों से निकालवाने तथा मीना मस्जिद से संबंधित है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह मस्जिद के बीच भूमि विवाद से जुड़े सभी मुकदमों की सुनवाई एक साथ करने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने श्रीकृष्ण विराजमान मंदिर एवं अन्य सात की ओर से दाखिल याचिका को स्वीकार करते दिया था। इस दौरान याची रंजना अग्निहोत्री के अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन ने कहा था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह मस्जिद के बीच 13.37 एकड़ भूमि के विवाद को लेकर मथुरा की अदालत में याचिका दाखिल करते समय 10 मुकदमे लंबित थे। अब कुछ और नए मुकदमे दाखिल हुए हैं। याचिका में मांग की गई थी कि अयोध्या के राम मंदिर विवाद की तर्ज पर मथुरा के इस विवाद की सुनवाई भी हाईकोर्ट में की जाए। इन मामलों में शामिल मुद्दे भगवान श्रीकृष्ण के करोड़ों भक्तों से संबंधित हैं और यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है। एडवोकेट तनवीर अहमद, सचिव ईदगाह इंतजामिया कमेटी ने कहा मथुरा की सभी अदालतों में चल रहे मामलों की हाईकोर्ट में सुनवाई के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने को लेकर अभी हम विचार कर रहे हैैं।
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Author: Vijay Singhal
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