हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद में संचालित निजी आईटीई में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जब शासन ने जांच कराई गई तो भारी अनियमितताएं पाईं गईं थीं। अनेक आईटीआई तो ऐेसे थे, जो मौके पर मौजूद ही नहीं मिले और जो संस्थान मौजूद थे उनमें कोई छात्र नहीं मिला। यहां तक कि कई आईटीआई में स्टाफ तक नहीं था। इसकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग ने जनपद 71 आईटीआई को ब्लैक लिस्ट किए जाने की अनुशंसा की थी।आईटीआई में छात्रवृत्ति का फर्जीवाड़ा विधायक पूरन प्रकाश द्वारा शिकायत के बाद सामने आया था। जांच की गई तब 220 करोड़ से अधिक का घोटाला मिला। इसके बाद तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी सहित दो पूर्व समाज कल्याण अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया तथा 71 संस्थानों के खिलाफ थाना सदर बाजार में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई। अगले सत्र में छात्रवृत्ति के लिए इन सभी संस्थानों के संचालकों ने अनशन किया, जबकि इन पर केस दर्ज थे। इसके बाद शासन द्वारा सभी आईटीआई की जांच कराई गई। सीडीओ के नेतृत्व में की गई जांच में अधिकतर संस्थानों में भारी कमियां पाईं गईं। इस रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण विभाग इन संस्थानों को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई थी। समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि ब्लैकलिस्ट किए जाने वाले संस्थानों में बहुत सी कमियां मिली थी।
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Author: Vijay Singhal
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