• Wed. Mar 4th, 2026

वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर में महाभिषेक; फूलों की हुई होली

ByVijay Singhal

Mar 4, 2026
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में ब्रजमंडल की विश्वविख्यात होली के उल्लास के मध्य फाल्गुन पूर्णिमा के पावन दिवस पर श्री चैतन्य महाप्रभु का 540वां प्राकट्य महोत्सव वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर में दिव्य आध्यात्मिक आभा के साथ संपन्न हुआ। प्रातःकाल से ही मंदिर प्रांगण में भक्तों की अविरल धारा प्रवाहित होती रही। नवीन प्रांगण में सुसज्जित फूल बंगला, छप्पन भोग, भव्य पालकी उत्सव, दिव्य महाभिषेक, अखंड हरिनाम संकीर्तन और पुष्पों की होली ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। महाभिषेक के दिव्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति-रस से सराबोर वातावरण में “हरि बोल” और “गौर हरि” के जय घोष से सम्पूर्ण परिसर गूंज उठा। देश के विभिन्न नगरों मथुरा, आगरा, लखनऊ, दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, हरियाणा, ग्वालियर एवं मुरैना से आए भक्तों ने इस अद्भुत आध्यात्मिक उत्सव में सहभागिता की। इस अवसर पर चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष श्री चंचलापति दास ने कलियुग में हरिनाम संकीर्तन की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीमद्भागवतम् के द्वादश स्कंध से उद्धृत प्रसिद्ध श्लोक प्रस्तुत करते हुए कहा कि कलेर्दोषनिधे राजन् अस्ति ह्येको महान् गुणः। कीर्तनादेव कृष्णस्य मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्॥
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.