हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रज के कस्बा नौहझील में गुरुवार को परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां ‘दौज’ पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक कीचड़ और मिट्टी की होली ने जमकर धूम मचाई। होली के दूसरे दिन निभाई जाने वाली इस अनोखी परंपरा के चलते पूरे कस्बे में उत्सव का ऐसा माहौल रहा कि बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा होने के कारण कर्फ्यू जैसा मंजर नजर आया। हुरियारों की दहशत और उत्साह का आलम यह था कि बाहरी गांवों से लोगों ने कस्बे की ओर रुख करने से परहेज किया और दोपहर तक यातायात के साधन भी पूरी तरह थमे रहे। कस्बे के उत्साही युवाओं और हुरियारनों की टोलियों ने गली-मोहल्लों में जमकर मस्ती की। होली के शौकीनों ने इस उत्सव के लिए दो दिन पहले ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और बुग्गियों से मिट्टी लाकर चौराहों पर ढे़र लगा दिए थे। परंपरा के अनुसार, पुरुषों को पकड़कर मिट्टी के गारे में सराबोर करने के बाद मोहल्ले की महिलाओं को भी टोलियां बनाकर लाया गया और उन्हें कीचड़ व मिट्टी के इस उल्लास में शामिल किया गया। इस दौरान हुरियारों ने एक-दूसरे के कपड़े फाड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। स्थानीय निवासी शिक्षाविद् मोरध्वज अग्रवाल, प्रधान प्रशांत गुप्ता,मनीष जिंदल, उमाकांत शर्मा, शिक्षाविद् सुरेश चौधरी और शिक्षक विवेक अग्रवाल ने बताया कि यह परंपरा त्रेतायुग से जुड़ी है। माना जाता है कि जब होलिका जल गई और भक्त प्रहलाद सुरक्षित बच गए, तब लोगों ने खुशी में होलिका की राख एक-दूसरे पर उड़ाई थी, जो कालांतर में पानी के साथ मिलकर कीचड़ की होली के रूप में बदल गई।
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Author: Vijay Singhal
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