हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में बिहार के मधुबनी जिले से विरक्त होकर कान्हा की भक्ति में लीन हो चुकीं चंद्रमुखी देवी (65) उर्फ चित्रा दासी की हत्या का राज कभी नहीं खुलता, लेकिन एक संत के प्रयास से करीब एक साल बाद हत्याकांड का खुलासा हो गया। हत्यारोपी बुजुर्ग महिला के घर आने जाने वाला जिम संचालक ही निकला। आरोपियों को पुलिस ने भले ही जेल भेज दिया हो, लेकिन अब उनके परिजन शर्मिंदा हो रहे हैं। पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था, लेकिन जब पुलिस ने हकीकत बताई तो उन्होंने कह दिया कि जैसा किया है, वैसी सजा भुगतेंगे। बिहार के मधुवनी बेड़ीपट्टी से आकर वृंदावनवास कर रहीं चंद्रमुखी देवी (65) उर्फ चित्रा दासी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी गौरा नगर निवासी अभिषेक शर्मा, शेरगढ़ लक्ष्मण नगर निवासी विजय सिंह, गौरा नगर निवासी वकील मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, मथुरा नरसीपुरम निवासी ओमकार सिंह एवं शाहजहांपुर रेहरिया निवासी विकास मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा वृद्धा के मकान के पीछे जिम चलाता है। अकसर उनके घर भी जाता था। उसकी नीयत महिला के मकान पर थी। जिम का सामान खरीदने में उस पर कर्जा भी हो गया था। चूंकि महिला के साथ कोई नहीं रहता था तो कर्ज से उबरने के लिए उसने अपने दोस्त विकास मिश्रा के साथ मिलकर महिला की हत्या कर दी और साक्ष्य खत्म करने के इरादे से केसी घाट पर उसका शव को जला दिया था। हत्या के कई महीनों बाद उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर और फर्जी वसीयत के जरिए उसका मकान भी बेच दिया। हत्या और षड्यंत्र में शामिल छह लोगों को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है, लेकिन फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला साधुवेशधारी सतेंद्र की तलाश जारी है। वृंदावन। महंत लाडलीदास की तहरीर पर दर्ज महिला की हत्या के मामले में दस माह के बाद दर्ज की एफआईआर में दो ऐसे लोगों को भी नामजद किया है, जिनकी घटना पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार नामजद आरोपी शिवदत्त शर्मा और संतोष पुरोहित लगभग डेढ़ साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
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Author: Vijay Singhal
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