हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा के फरह में स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान द्वारा राष्ट्रीय बकरी मेला एवं किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मेला में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हनुमान गढ़ राजस्थान से आया 106 किलो वजन का बकरा रहा। मेले का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने किया। केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय बकरी मेला एवं किसान संगोष्ठी में 11 राज्यों के करीब 1000 किसानों ने सहभागिता की। इस मेले का उद्देश्य बकरी पालन से किसानों की आय दोगुनी करना था। मेले में पशु पालन प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी,बकरी उत्पाद एवं मूल्य संवर्धन तकनीकी प्रदर्शनी,विभिन्न नस्लों की बकरियों का प्रदर्शन,बकरी पालन के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं एवं निराकरण के संबंध में चर्चा करना ,वैज्ञानिक बकरी पालन प्रशिक्षण,बकरी स्वास्थ्य शिविर आदि लगाए गए। मेले के मुख्य अतिथि गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने जिलाधिकारी पुलकित खरे के साथ बकरी पालक किसानों को सम्मानित किया। सुंदर बकरी पालने का इनाम मथुरा के फरह क्षेत्र के रहने वाले विष्णु कुमार को मिला। इसी प्रकार सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी का इनाम उसके पालक माला पत्नी दीनदयाल को दिया गया। प्रजनन बकरे का प्रथम इनाम हनुमान गढ़ राजस्थान से आए 106 किलो वजन के बकरे को पाल रहे सुरेंद्र कुमार को मिला। मेले के दौरान केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ने बुंदेलखंड नेचुरल के साथ मिलकर एक MOU साइन किया। जिसमें संस्थान की तकनीकियों के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने और बुंदेलखंड में वैज्ञानिक बकरी पालन को बढ़ाने के अलावा किसानों की आय बकरी पालन के जरिए बढ़ाने का करार किया गया। राष्ट्रीय बकरी मेला के अवसर पर संस्थान के निदेशक मनीष चेटली ने बताया 1979 में संस्थान की स्थापना की गई। संस्थान किसानों को वैज्ञानिक विधि से बकरी पालन जानकारी,प्रशिक्षण समय समय पर देता रहता है। बकरी गरीब किसान की गाय होती है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि बकरी पालन किसानों के लिए बेहद लाभकारी है और कम खर्चे पर किसान बकरी पालन कर सकता है। जिससे किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है।
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Author: Vijay Singhal
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