• Thu. Feb 12th, 2026

ठाकुर श्रीरास बिहारी सरकार के अनन्य उपासक थे घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज

ByVijay Singhal

Sep 12, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृन्दावन में मदनमोहन घेरा स्थित श्रीराधा केलि कुंज (निकट श्री सनातन गोस्वामी समाधि मंदिर) में चल रहा पूज्य संत घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज का 88 वां त्रिदिवसीय जन्म महोत्सव अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।उत्सव में ठाकुरजी द्वारा रचित पदों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।
इस अवसर पर पूज्य संत घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज के चित्रपट का संतों एवं भक्तों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजन-अर्चन किया गया।तत्पश्चात वृहद संत-विद्वत सम्मेलन आयोजित हुआ।जिसमें अपने विचार व्यक्त करते हुए मलूक पीठाधीश्वर जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि पूज्य घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज ब्रज के प्रख्यात संत बालकृष्ण दास महाराज के अत्यन्त प्रिय व ठाकुरश्री रासबिहारी सरकार के अनन्य उपासक थे।
श्रीगोरीलाल कुंज के श्रीमहंत स्वामी किशोर दास देवजू महाराज ने कहा कि संत घनश्याम दास ठाकुरजी गीता वाटिका (गोरखपुर) के प्रख्यात संत राधा बाबा एवं प्रकांड विद्वान हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी) के भी विशेष कृपा पात्र थे।उनके द्वारा सैकड़ों पदों की रचना की गई।पूर्व में उनका स्मृति ग्रंथ भी प्रकाशित हो चुका है। शरणागति आश्रम के महंत बिहारीदास भक्तमाली ने कहा कि पूज्य घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज बालपन से ही ठाकुरश्री रासबिहारी सरकार की सेवा में संलग्न रहे, बाद में संत बालकृष्ण दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ और वे श्रीधाम वृन्दावन में ही भगवद भक्ति में लीन हो गए।
प्रख्यात रासाचार्य स्वामी कुंजबिहारी शर्मा ने कहा कि पूज्य घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज श्रीधाम वृन्दावन की बहुमूल्य निधि थे।सांसारिक व भौतिक जीवन से उन्हें कोई मोह नहीं था। संत सेवा व गुरु भक्ति ही उनके जीवन के अभिन्न अंग थे। ब्रज साहित्य सेवा मण्डल के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि पूज्य घनश्याम दास ठाकुरजी महाराज अत्यंत मृदुभाषी व उदारवादी थे।उन्होंने प्राचीन वृन्दावन को हृदय में धारण कर प्रिया-प्रियतम की माधुर्यमयी लीलाओं का दर्शन किया था।
महोत्सव में बाबा अलवेली शरण महाराज, गौसेवी संत गोपेश कृष्ण दास, डॉ. चंद्रेश गुप्ता, पुलिन बिहारी शर्मा, विपुल बिहारी शर्मा, इंजीनियर ब्रजेश मिश्रा, आचार्य रामनिवास शुक्ला, संगीतज्ञ मनमोहन शर्मा, शिक्षाविद डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा, रासाचार्य स्वामी जयप्रिया शरण महाराज, संत बिहारीदास महराज, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, गौरव भारद्वाज आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इससे साथ ही रास रस चर्चा, निकुंज रासलीला दर्शन एवं संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा (वृहद भंडारा) आदि के आयोजन भी सम्पन्न हुए।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.