हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ शहर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने शहर की सड़कों के साथ डंपिंग ग्राउंड को भी साफ रखने की प्लानिंग पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से बचने वाले कूडे़-कचरे को शहर से बाहर निस्तारण के लिए भेजने पर काम शुरू हो गया है। मथुरा-वृंदावन नगर निगम अंतर्गत करीब आठ लाख की आबादी क्षेत्र है। इसके अलावा प्रति वर्ष इस क्षेत्र में करीब चार करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन भी होता है। इससे यहां 180 से 200 टन कूड़ा प्रतिदिन उत्पन्न हो रहा है, जिसे यमुनापार स्थित डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाता है। इसके निस्तारित के कई उपाय नगर निगम स्तर पर किया जा रहे हैं। इसमें कूडे़ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक फ्यूल प्लांट भी शामिल है। इसके बावजूद 50.60 टन कूडे़ का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। यह कूड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के उपयोग का भी नहीं है। इससे डंपिंग ग्राउंड पर बन रहे कूडे़ के बोझ को कम करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मल्टी नेशनल कंपनियों से अनुबंध किया है। ये कंपनियां डंपिंग ग्राउंड पर एकत्रित हो रहे कूडे़ को शहर से बाहर विभिन्न प्लांट में निस्तारित करने के लिए पहुंचाने का काम करेंगी।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से बनता है खाद
नगर निगम द्वारा लक्ष्मी नगर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट संचालित किया जा रहा है। इसके लिए शहर से एकत्रित कूड़ा नगर निगम द्वारा पहुंचाया जाता है। इससे करीब 15 टन खाद बनाया जा रहा है, जिसे पूर्ण खाद के रूप देने के लिए इंडियन एग्रो लिमिटेड द्वारा खरीद की जा रही है। इससे करीब 120 टन कूड़ा निस्तारित हो रहा है। करीब 60 टन कूड़ा निस्तारण योग्य नहीं होता है, जो बच जाता है। प्लास्टिक फ्यूल प्लांट डीजल बना रहा है।
नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड पर संचालित प्लास्टिक फ्यूल प्लांट डीजल बनाने का काम कर रहा है। इसके लिए नगर निगम के कूडे़ से प्लास्टिक निकालकर इसका उपयोग किया जाता है। निगम के अलावा भी जनपद की अन्य निकायों से भी प्लास्टिक निस्तारण के लिए की जा रही है।
स्वच्छ शहरों में 38 वें पायदान पर मथुरा
स्वच्छ शहरों की सूची में मथुरा को 38 वां स्थान देश भर की रैकिंग के तहत मिला है। प्रदेश में यह स्थान 8 वां है। धार्मिक शहर होने के नाते मथुरा नगर निगम प्रशासन की इच्छा निरंतर इस रैकिंग में सुधार की है। इसी के तहत विभिन्न कार्यक्रम खासकर जनजागरूकता के प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं।
नगर निगम द्वारा लक्ष्मी नगर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट संचालित किया जा रहा है। इसके लिए शहर से एकत्रित कूड़ा नगर निगम द्वारा पहुंचाया जाता है। इससे करीब 15 टन खाद बनाया जा रहा है, जिसे पूर्ण खाद के रूप देने के लिए इंडियन एग्रो लिमिटेड द्वारा खरीद की जा रही है। इससे करीब 120 टन कूड़ा निस्तारित हो रहा है। करीब 60 टन कूड़ा निस्तारण योग्य नहीं होता है, जो बच जाता है। प्लास्टिक फ्यूल प्लांट डीजल बना रहा है।
नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड पर संचालित प्लास्टिक फ्यूल प्लांट डीजल बनाने का काम कर रहा है। इसके लिए नगर निगम के कूडे़ से प्लास्टिक निकालकर इसका उपयोग किया जाता है। निगम के अलावा भी जनपद की अन्य निकायों से भी प्लास्टिक निस्तारण के लिए की जा रही है।
स्वच्छ शहरों में 38 वें पायदान पर मथुरा
स्वच्छ शहरों की सूची में मथुरा को 38 वां स्थान देश भर की रैकिंग के तहत मिला है। प्रदेश में यह स्थान 8 वां है। धार्मिक शहर होने के नाते मथुरा नगर निगम प्रशासन की इच्छा निरंतर इस रैकिंग में सुधार की है। इसी के तहत विभिन्न कार्यक्रम खासकर जनजागरूकता के प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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