हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्राथमिक विद्यालय नगला परसादी के हाल को दिनों का फेर कहें तो शायद गलत नहीं होगा। पहले जहां शिक्षा का मंदिर साफ-सुथरा होता था तो वहीं अब गलियां तो साफ नजर आती हैं, लेकिन मंदिर में कूड़े के ढेर लगे हैं। परिसर में हर तरफ कूड़ा और जलभराव ही नजर आता है। बेसहारा गोवंश यहां अपर डेरा जमा रहते हैं। इस बदहाली पर व्यवस्था ने अपनी आंखें मूंद ली हैं। स्कूलों की साफ-सफाई का जिम्मा नगरीय क्षेत्रों में नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत राज विभाग पर है। कोसीकलां नगरीय क्षेत्र में बने नगला परसादी के प्राथमिक विद्यालय को देखकर यह कहना मुश्किल है कि भी यहां साफ-सफाई भी हुई होगी। आसपास के लोगों ने कूड़ा फेंककर पूरे परिसर को डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। वहीं विद्यालय परिसर नीचा होने के चलते पूरे में जलभराव और हर तरफ घास उग आई है। यही कारण है कि यहां बेसहारा गोवंश दिन भर डेरा जमाए रहते हैं। विद्यालय के भवन का हाल भी बेहाल है। वर्ष 1995 में बना भवन जर्जर हो गया है। बारिश में दीवारों के साथ ही कई बार ग्राउंड में भरा पानी भी कमरों तक पहुंच जाता है। ऐसे में एक ही कमरे में सभी 55 बच्चों को बैठाकर शिक्षक पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। बारिश के दौरान कमरे तक पहुंचने के लिए भी शिक्षकों और छात्रों को संघर्ष करना पड़ता है। अधिकारियों ने भी कई बार स्कूल का भ्रमण किया, लेकिन यह बदहाली उन्हें नजर नहीं आई। गलियों में साफ-सफाई करवाकर अपनी पीठ थपथपाने वाली नगर पालिका ने भी कभी स्कूल की सफाई करानी जहमत नहीं उठाई। इसके चलते शिक्षा का मंदिर धीरे-धीरे कूड़ा घर बनता चला गया। आसपास के लोग भी स्कूल की बदहाली से आहत हैं, लेकिन शिक्षा विभाग को आज तक इस बदहाली की पीढ़ा नहीं हुई। विद्यालय के शिक्षकों ने कई बार अधिकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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Author: Vijay Singhal
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