हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रज में मंगलवार से गणपति बप्पा के जयकारे गूंजेंगे। घर-घर में गणेश जी विराजमान होंगे। कॉलोनियों के पार्क और मंदिरों में भी सजावट हो रही है। लोगों ने घरों में मंदिरों को सजा लिया है। बाजार में गणेशजी की मूर्ति की खरीदारी हो रही है। हालांकि प्रतिबंध के बाद भी पीओपी की मूर्तियों की खरीदारी हो रही है। भाद्र पद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 19 सितंबर को भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां मंदिरों, आश्रमों और घरों में पूर्ण आस्था के साथ की जा रही है। भक्तों ने गणेशजी को पधारने के लिए घर, गली, मोहल्लों के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया। बाजार में गणेश प्रतिमा की खरीदारी हुई। महिला, बच्चे व पुरुषों ने छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियां खरीदीं। वहीं मंदिरों में मोदक भोग, फूलबंगला और छप्पन भोग की तैयारियां भी की जा रही हैं। मंगलवार को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इससे एक दिन पूर्व सोमवार को भगवान गणेश की मूर्ति शुभ मुहूर्त में पूजन अर्चन के साथ विराजमान करेंगे। ज्योतिषाचार्य राजेश पांडे ने बताया कि गणेश चतुर्थी को भक्तों द्वारा भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसके लिए जहां मंदिरों में दूध, पंचामृत, सिंदूर से महाभिषेक होता है। वहीं विशेष पूजन के साथ ही छप्पन भोग, मोदक भोग लगाए जाते हैं। वहीं भक्तजनों द्वारा घरों में भी भगवान गणेश की मूर्ति को विराजमान कर उनका पूजन करते हैं। इसके बाद मूर्ति का विधिविधान से विसर्जन करते हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बाद भी यह मूर्तियां धड़ल्ले से बनाई गईं और खूब बिकीं भी। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह मूर्तियां सस्ती पड़ती हैं। इसलिए ग्राहक इन्हें अधिक खरीदता है। इनकी बाजार में डिमांड रहती है। इसलिए इन्हें बनाना और बेचना पड़ता है। जबकि मिट्टी की मूर्तियां थोड़ी महंगी होती हैं। पीओपी की मूर्तियों पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है क्योंकि यमुना में विसर्जन से पानी मैला हो जाता है।
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Author: Vijay Singhal
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