हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में गज ग्राह मोक्ष लीला का आयोजन किया गया। लीला में भगवान रंगनाथ गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर पुष्करणी पर पहुंचे और गज की रक्षा कर ग्राह (मगरमच्छ) को मुक्ति प्रदान की। लीला में भक्त और भगवान के संबंध को दिखाया गया हैं। सायंकाल बेला में पुष्करणी में गज (हाथी) जब स्नान करते हैं इसी दौरान वहां मौजूद ग्राह (मगरमच्छ) उनका पैर पकड़ लेता है। मगरमच्छ की पकड़ में आए गज ने इस संकट से निपटने के लिए भगवान का स्मरण किया। भक्त की पुकार पर स्वर्ण निर्मित गरुड़ जी पर विराजमान हो कर भगवान रंगनाथ पुष्करणी पहुंचे। जहां उन्होंने अपने सुदर्शन चक्र से ग्राह का उद्धार किया और गज को बचाया। भगवान का सुदर्शन चलते ही भक्त भगवान रंगनाथ के जयकारे लगाने लगे। मंदिर की मुख्य अधिशासी अधिकारी अनघा श्रीनिवासन ने बताया गजेंद्र मोक्ष भगवान की अद्भुत लीला है। खासतौर से वृंदावन के रंगजी मंदिर में इसका भक्तों के लिए यही संदेश है कि जो भगवान के अनन्नय शरणागत जीव होते हैं। उनके लिए भगवान सदैव उपस्थित रहते हैं। स्वामी रघुनाथ, रंगा स्वामी, चौवी स्वामी, तिरुपति राव, आनंद राव, श्रीनिवास चित्रकार, पार्थ सारथी, शरद शर्मा, रामनिवास, राजू सक्सेना, अमर सक्सेना, भीम उपस्थित रहे।
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Author: Vijay Singhal
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