मथुरा। जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के टेढ़े-मेढ़े पैरों (क्लब फुट) का उपचार भी निशुल्क किया जा रहा है। अनुष्का फाउंडेशन के माध्यम से हो रहे इस उपचार के कारण जहां अभिभावकों को आर्थिक राहत मिल रही है, वहीं बच्चों के पैरों का भी उपचार हो पा रहा है। क्लब फुट ऐसी बीमारी का नाम है, जिसमें बच्चों के पैर जन्म से ही टेढ़े-मेढ़े होते हैं। जब भी ऐसा बच्चा होता है तो उसके अभिभावक चिंता में पड़ जाते हैं। इसका कारण है कि एक तो बच्चा परेशान होता है और दूसरा उपचार भी महंगा होता है, लेकिन जिला अस्पताल में ऐसे बच्चों का उपचार निशुल्क हो रहा है। अनुष्का फाउंडेशन के मथुरा-अलीगढ़ के वरिष्ठ कार्यकारी सहायक मोहम्मद जीशान ने बताया कि ऐसे बच्चों की सीएचसी व पीएचसी से स्क्रीनिंग की जाती है। बच्चे की आयु एक सप्ताह हो तो उसका उपचार आसानी से हो जाता है। तीन चरण में बच्चे का उपचार किया जाता है। प्रथम चरण में बच्चे के 4 से 8 प्लास्टर किए जाते हैं। यह प्लास्टर जिला अस्पताल में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल द्वारा प्रत्येक सप्ताह किए जाते हैं। दूसरे चरण में चिकित्सक द्वारा एक छोटा ऑपरेशन (टेनोटमी) कर बच्चे के पैर में टेंडन को अलग कर उसका पैर सीधा किया जाता है। तीसरे चरण में बच्चे को विशेष प्रकार के जूते दिए जाते हैं। प्रथम तीन माह तक बच्चे को यह जूते 24 घंटे पहनने होते हैं। इसके बाद पांच वर्ष का होने तक रात को सिर्फ सोते समय पहनने हैं। इस उपचार से बच्चे के पैर बिलकुल सही हो जाते हैं। मोहम्मद जीशान ने बताया कि अनुष्का फाउंडेशन बच्चों के उपचार का पूरा खर्च उठाती है। प्लास्टर से लेकर जूते देने तक एक बच्चे पर 80 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक खर्चा आता है। इस उपचार के तहत बच्चों का प्लास्टर भी विशेष कॉटन और बैंडेज से किया जाता है। इसमें सामान्य कॉटन अथवा बैंडेज का प्रयोग नहीं होता है।
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Author: Vijay Singhal
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