हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सुरीर क्षेत्र के तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे लगाए गए पौधों की देखरेख नहीं करने पर डीएफओ ने मांट रेंज के वन दरोगा रमन कुमार और वन रक्षक मुनेश कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। वन राज्यमंत्री डाॅ. अरुण कुमार सक्सेना के औचक निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई-अगस्त में शासन के निर्देश के बाद पौधारोपण अभियान चलाया गया था। वन विभाग ने 22 विभागों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर करीब 38.59 लाख पौधे लगाए थे। पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण हुआ था। उसी समय तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे भी हजारों की संख्या में पौधे रोप गए थे। पौधे लगाने के बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह हो गए। कुछ पौधे मिट्टी में दफन हो गए तो कुछ पौधे देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए। चार लोगों पर कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। डीएफओ ने बताया कि इस घटना के बाद पौधों की हकीकत परखने के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आगरा जोन भीमसेन के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी जिले में लगाए पौधों की जांच करेगी। करीब दो सप्ताह में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासनादेश के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जुलाई-अगस्त में शासन के निर्देश के बाद पौधारोपण अभियान चलाया गया था। वन विभाग ने 22 विभागों के साथ मिलकर जिले के विभिन्न स्थानों पर करीब 38.59 लाख पौधे लगाए थे। पहली बार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण हुआ था। उसी समय तुलागढ़ में जरारा रजवहा के किनारे भी हजारों की संख्या में पौधे रोप गए थे। पौधे लगाने के बाद वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बेपरवाह हो गए। कुछ पौधे मिट्टी में दफन हो गए तो कुछ पौधे देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए। चार लोगों पर कार्रवाई के बाद वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई है। इस प्रकरण में अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। डीएफओ ने बताया कि इस घटना के बाद पौधों की हकीकत परखने के लिए अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आगरा जोन भीमसेन के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी जिले में लगाए पौधों की जांच करेगी। करीब दो सप्ताह में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासनादेश के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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