हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अंधेर नगरी और चौपट राजा वाली कहावत जंक्शन चरितार्थ हुई। बिना किसी अनुमति के खान पान की आधा दर्जन से अधिक ट्रॉलियां संचालित होती रहीं और अधिकारियों को इसका पता तक नहीं चला। जागरूक यात्री द्वारा एक्स पर रेलव मंत्रालय से इसकी शिकायत की गई तो अधिकरियों को होश आया। आनन फानन में अधिकारियों ने अवैध रूप से संचालित हो रहीं खान पान की ट्रॉलियों को तलाश कर उन्हें बंद कराया। मंडल रेलवे प्रबंधक ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यात्रियों के खान-पान की जिम्मेदारी इंडियन रेलवे कैटरिंग एण्ड ट्यूरिजम कॉपोरेशन (आईआरसीटीसी) की है। जंक्शन पर आईआरसीटीसी की दो स्टॉल संचालित होती हैं, जबकि रेलवे द्वारा डेढ़ दर्जन से अधिक खान पान की स्टॉलों व ट्रालियों का संचालन किया जाता है। जंक्शन पर लम्बे समय से खान पान की आधा दर्जन से अधिक ट्रॉलियां संचालित हो रही थीं। सूत्रों की मानें तो अवैध रूप से संचालित हो रही खान पान की ट्रॉलियों बारे में स्थानीय आईआरसीटीसी और रेलवे अधिकारियों को जानकारी थी। दोनों अधिकारी ट्रॉलियों को हटवाने के लिए एक-दूसरे को पत्र लिखते रहे। विगत दिनों नवागत डीआरएम जंक्शन का निरीक्षण करने आए तो खान पान की ट्रॉलियों को हटवा दिया था। डीआरएम के जाने के बाद हटवाई गई ट्रॉलियां फिर से जंक्शन पर संचालित होने लगीं। इसकी जानकारी किसी जागरूक यात्री को हुई तो उसने एक्स पर इस बारे में पोस्ट डाल दी। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। आनन फानन में अधिकारियों ने अवैध रूप से संचालित हो रही सभी ट्रॉलियों को हटवा दिया। टमेटो सॉस से गायब हुआ टमाटर रेलवे नियम के अनुसार यात्रियों को बेचे जाने वाले समोसे और ब्रेड पकोड़ों के साथ सॉस का पाउच दिया जाना अनिवार्य है। वैंडर अधिक मुनाफा कमाने के लिए यात्रियों को समोसे और ब्रेड पकोड़े के साथ सॉस के पाउच के स्थान पर बोतल में भरा नमक मिर्च और गुड़ का घोल डालकर देते हैं। मैंगो जूस में भी हो रहा घपला जंक्शन पर बिकने वाले मैंगो जूस की बोतल की बिक्री में भी घपला हो रहा है। मैंगो जूस की बोतल की बिक्री आईआरसीटी ने 50 रुपये निर्धारित की है। वहीं रेलवे ने मैंगो जूस की बोतल की बिक्री 40 रुपये निर्धारित की है, लेकिन रेलवे द्वारा संचालित स्टॉलों पर भी 50 रुपये प्रिंट रेट वाली मैंगो जूस की बोतल सप्लाई हो रही है। वर्जन- मुख्यालय के आदेश के अनुसार आईआरसीटीसी को सितंबर तक के लिए इकॉनामी मील स्टॉल व ट्रॉली चलाने हेतु अधिकृत किया गया है। मंडल स्तर पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। यदि स्टॉल संचालन में कोई अनियमितता पायी जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। रेलवे द्वारा आवंटित स्टॉलों पर बिकने वाले उत्पादों को एमआरपी पर विक्री हेतु शॉर्टलिस्ट किया जाता है। एमआरपी से अधिक बिक्री करने पर उचित दंड लगाया जाता है। संबंधित निरीक्षक को इस प्रकरण में जांच रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा गया है। प्रशस्ति श्रीवास्तव, पीआरओ।
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Author: Vijay Singhal
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