• Sat. Feb 21st, 2026

दरक रहे मकान, धंस रहे फर्श, घरेलू सामान खराब; सांसद हेमा मालिनी ने राहत शिविर में गाया भजन

ByVijay Singhal

Sep 12, 2025
Spread the love

 

हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल

मथुरा में बाढ़ से बर्बादी का मंजर अब दिखने लगा है। भले ही बीते दिनों से जलस्तर में प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही अब पीड़ितों के सामने अपने आशियाने बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। पानी कम होने के बाद घर दरक रहे हैं और फर्श धंस रहे हैं। वहीं, फसलें नष्ट होने से किसानों के अरमानों पर आफत का पानी फिर गया। दर्जनों गांव और कॉलोनियां अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं और बाढ़ से विस्थापित लोग चुनौतियों से जद्दोजहद कर रहे हैं। घरेलू सामान बर्बाद हो चुका है। इस आपदा से सबसे बड़ा कहर किसानों पर बरपा है। बाढ़ के पानी से 33 गांवों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं, जिससे किसानों की उम्मीदें पानी में बह गईं। खेतों में लहलहाती फसलें अब सिर्फ कीचड़ और मलबे का ढेर बन गई हैं। जलस्तर में कमी के बावजूद, अभी भी दर्जनों गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। इधर, मथुरा-वृंदावन में दर्जनों कॉलोनियां अभी बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि जलस्तर कम होने से दो-दो फीट पानी कम हुआ है। जयसिंहपुरा, लक्ष्मीनगर क्षेत्र के तिवारी पुरम, ईसापुर और हंसगंज में अभी भी हालात विकराल हैं, जहां पानी कम हुआ है वहां अब मकानों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। घरों में कई दिन तक पानी भरने के कारण कीमती सामान खराब हो गया है। मकानों के फर्श धंस गए हैं और पक्की गलियां जर्जर हो गई हैं। दीवारों पर भी दरारें आ गई हैं। राशन का सामान खराब हो चुका है। लोग घर वापस लौटने लगे हैं और घर की मरम्मत कराना शुरू कर दिया है। घरों के बाहर सफाई कार्य में जुट गए हैं। हालांकि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।

Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.