हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में गहवर वन स्थित मानमंदिर आश्रम में पद्मश्री संत रमेश बाबा के प्राकट्य दिवस पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ती रही। संत 88 वर्ष पूर्ण कर 89वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं और उनके दीर्घकालिक ब्रजसेवा कार्यों को देखते हुए प्राकट्य दिवस आश्रम के लिए विशेष महत्व का रहा। दर्शन, संकीर्तन और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों के बीच आश्रम परिसर पूरे दिन सक्रिय दिखाई दिया। सुबह मंगला वंदना के साथ दिवस की शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने संत के चरणों पर पुष्प और चंदन अर्पित कर आस्था व्यक्त की। भीड़ बढ़ने पर आश्रम प्रशासन ने दर्शन मार्ग, प्रसाद वितरण और जल व्यवस्था के लिए अलग-अलग प्रबंध किए ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संकीर्तन मंडली की भक्ति ध्वनि पूरे परिसर में लगातार गूंजती रही। मध्याह्न सत्र में संत के सेवा कार्यों का संक्षिप्त विवरण रखा गया। प्रयाग में जन्मे रमेश बाबा ने ब्रज क्षेत्र को कार्यक्षेत्र बनाकर गहवर वन संरक्षण, पुराने जलस्रोतों के पुनर्जीवन, गोसेवा और पर्यावरण सुधार के लिए लगातार कार्य किए। वर्ष 2019 में उन्हें पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ। माता जी गोशाला, वन संरक्षण और जल संरक्षण को लेकर आश्रम द्वारा चलाई गई योजनाओं में संत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संध्या में दीप प्रज्ज्वलन और आरती के साथ दिवस का मुख्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मानमंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि संत रमेश बाबा की जीवन शैली सादगी और निरंतर सेवा भावना से परिपूर्ण रही है।
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Author: Vijay Singhal
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