मथुरा। कोसीकलां में कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। सब जानते हुए भी पानी बर्बाद करते हैं। इसी का परिणाम है कि आज भारत और विश्व के सामने पीने के पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्राम महराना में विश्व जल दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में चौधरी ने कहा कि राजस्थान व जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्र में पानी आदमी की जान से भी ज्यादा कीमती है। कई-कई किलोमीटर चल कर इन प्रदेशों की महिलाएं पीने का पानी लाती हैं। पानी की इसी जंग को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 1992 के अपने अधिवेशन में 22 मार्च को विश्व जल दिवस के रूप में मनाने का निश्चय किया। इस पर सर्वप्रथम 1993 को पहली बार 22 मार्च के दिन पूरे विश्व में जल दिवस के मौके पर जल के संरक्षण और रख-रखाव पर जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया। मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने कहा कि आज वह समय है कि हमें बूंद-बूंद पानी बचाकर आगे बाने वाली पीढि़यों को सुरक्षित करना है। इस दौरान कार्यक्रम मेंं जल के महत्व पर चर्चा हुई और उसके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
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Author: Vijay Singhal
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