हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। शहर में चश्मा के दुकानदार खुद ही नेत्र चिकित्सक बन बैठे हैं। नियमों की अनदेखी कर 100 से 150 रुपये में आंखों की जांच का दावा करते हैं। जबकि नेत्र परीक्षण के लिए ऑप्टोमेट्रिस्ट का होना जरूरी है। जिम्मेदार इस खेल से बेपरवाह हैं। बाजार में जगह-जगह आंख की जांच करके चश्मा की दुकानें खुल गई हैं। कलेक्ट्रेट में एक व्यक्ति बिना किसी मशीन के आंखों का चश्मा बनाकर 250 रुपये में दे रहा है। शहर में होली गेट बाजार, कोतवाली रोड, मसानी रोड आदि स्थानों पर इस तरह की 35 से अधिक दुकानें संचालित हो रहीं हैं। नेत्र परीक्षण के नाम पर खिलवाड़ कर रहीं इन दुकानों पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ती है। होली गेट के पास एक नेत्र चिकित्सक ने बताया कि ऑप्टोमेट्रिस्ट के लिए चार से पांच साल का कोर्स किया जाता है। एक साल के अभ्यास के बाद यूपी स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बाद व्यक्ति ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र चिकित्सक बन पाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से सबसे ज्यादा नेत्र परीक्षण की दुकान शहर में खुली हैं। इन दुकानों पर वह मशीन पर अलग-अलग अंक आंखों से दिखाकर चेक करते हैं, इसके साथ ही मशीन से आंख देखकर संबंधित व्यक्ति के चश्मा लगा देते हैं। कई लोगों को तो गलत चश्मा लगने से आंख में दिक्कत आती है। उधर, कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति फर्श पर बैठकर नजर का चश्मा बना रहा था। पूछने पर बताया कि 250 से लेकर 350 रुपये तक का पास और दूर की नजर का चश्मा है। डॉ. संजीव यादव, सीएमओ ने कहा, नेत्र परीक्षण के लिए डिप्लोमा के साथ ही प्रशिक्षण होना अनिवार्य है। शहर में अगर कही इन नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो शिकायत मिलते कार्रवाई की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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