हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) की ओर से ध्रुव घाट पर नवनिर्मित बिजली और गैस शवदाह गृह के परीक्षण (ट्रायल) के सफल रहने के बाद इसे नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया गया। निगम ने इसके संचालन की जिम्मेदारी ध्रुव घाट शमशान स्थल समिति को सौंप दी है। बृहस्पतिवार को समिति की बैठक में चालू करने के लिए प्रक्रिया पर मंथन किया।
शासन ने वर्ष 1990 से 1996 के बीच बिजली शवदाह गृह भवन का निर्माण प्रारंभ कराया था, लेकिन पूर्ण धनराशि नहीं मिल पाने के कारण यह कार्य वर्ष 1996 में बंद हो गया था। इसके बाद यह परियोजना लगभग 24 वर्षों तक अधूरी पड़ी रही। जून 2020 में निर्माण कार्य पुनः आरंभ कराया गया, किंतु तब तक पूर्व निर्मित ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस स्थिति को देखते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) से ढांचे की जांच कराई गई। एएमयू की जांच और संस्तुति के अनुसार कॉलम और छत की मजबूती का आकलन कराया गया। इसके बाद असुरक्षित पाए गए हिस्सों को ध्वस्त कर नया ढांचा डिजाइन के अनुरूप पुनर्निर्माण किया गया। 1675 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस परियोजना में 669 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया, 159 वर्ग मीटर बेसमेंट, 510 वर्ग मीटर भूतल पर पूर्व निर्मित शमशान भवन, 51 वर्ग मीटर नगर निगम पंप हाउस और 738 वर्ग मीटर पार्किंग एरिया व अन्य भवन शामिल हैं। लगभग 3.25 करोड़ रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है। एमवीडीए के हस्तांतरित करने के बाद नगर निगम ने संचालन के लिए ध्रुव घाट समिति को नामित किया है। परीक्षण के दौरान 13 अज्ञात और पांच अन्य शवों का अंतिम संस्कार करवाया गया। समिति के संरक्षक शशिभानू गर्ग ने बताया कि बृहस्पतिवार को गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, धनेश मित्तल, उमाशंकर अग्रवाल, डॉ. अशोक, उमेश अग्रवाल और निर्माण करने वाली कंपनी के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। अब जल्द इसका संचालन शुरू होगा।
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Author: Vijay Singhal
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