हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में अमेरिका- ईरान के बीच चल रहे युद्ध से उत्पन्न ईंधन संकट का असर मंदिरों की रसोई पर भी पड़ने लगा है। गैस की कमी के कारण इस्कॉन मंदिर की रसोई में 2 कोयले की भट्ठी शुरू कर दी गई हैं। मंदिर में भक्तों को सुबह शाम मिलने वाला मंदिर के प्रसाद का भी मेन्यू में बदलाव किया गया है। मंदिर में सैकड़ों भक्तों के लिए भोजन तैयार किया जाता था लेकिन अब सुबह खिचड़ी और दोपहर में एक सब्जी और पूड़ी बनाई जा रही है। हालांकि ठाकुर जी के भोग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस्कॉन मंदिर की रसोई में गैस चूल्हे पर भोजन प्रसाद पकाया जाता था, लेकिन अब कोयले की भट्ठी पर प्रसाद तैयार किया जा रहा है। पहले रोजाना 10 व्यावसायिक सिलिंडर आते थे, लेकिन अब दो सिलिंडर से काम चलाया जा रहा है, जोकि नाकाफी है। इस कारण मंदिर में हर रोज 2000 श्रद्धालुओं के लिए बनने वाले प्रसाद के मेन्यू में भी बदलाव करना पड़ा है। सुबह के भक्तों को मिलने वाली चपाती, दो तरह की सब्जी, दाल, चावल, के स्थान पर खिचड़ी, दलिया दिया जा रहा है। दोपहर के भोजन में चावल, दाल, दो प्रकार की सब्जी और रोटी-पूड़ी दी जाती थी, लेकिन अब दाल रोटी और एक सब्जी बनती दी जा रही है। मंदिर के के रेस्टोरेंट के भोजन पर भी असर पड़ा है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के रेस्टोरेंट में भी मनमुताबिक भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। रेस्टोरेंट में पूड़ी-सब्जी, रायता, रोटी, मटर पनीर की सब्जी, मिक्स वेज की सब्जी उपलब्ध हो पा रही है। इस्कॉन के मीडिया प्रभारी रवि लोचन दास ने बताया कि मंदिर में भोजन तैयार करने के लिए कोयले का स्टॉक किया गया है, ताकि भट्ठी पर ठाकुरजी एवं भक्तों के लिए भोजन तैयार किया जा सके।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
