हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार व निलंबित चल रहीं डीपीआरओ किरन चौधरी मंगलवार को जेल से रिहा हो गईं हैं। वह 5 फरवरी से मेरठ की जिला जेल में न्यायिक अभिरक्षा में थीं। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली थी। दरअसल, निचली अदालत में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद डीपीआरओ के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान किरन चौधरी के अधिवक्ता ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की दलील दी। कहा कि शिकायतकर्ता के विरुद्ध सरकारी धन के गबन की कई शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच चल रही थी।
डीपीआरओ ने जांच पूरी कराने के लिए पत्र भेजे थे, इसलिए शिकायकर्ता ने किरन चौधरी को षड्यंत्र करके फंसाया और उनके खिलाफ रिश्वत लेने का कोई साक्ष्य नहीं है। रिश्वत की रकम लेने का आरोप के सह-आरोपी बिजेंद्र सिंह के खिलाफ हैं, जिसे रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके अलावा उनकी जमानत के लिए गर्भधारण का भी आधार बनाया गया। तमाम दलीलों के आधार पर हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। मंगलवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है।
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Author: Vijay Singhal
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