हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद में इस समय ब्लैकमेल करने वाले पत्रकारों की बाढ़ आई हुई है। अपने व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों, उद्योगपतियों, नगर निगम, विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर निशाना साधते रहते हैं। इस ग्रुप की खास बात यह है कि पहले एक उस पर कमेंट करता है उसके बाद अन्य चार-पांच लोग उसको अलग-अलग तरीके से प्रेजेंट करते हैं। इस ग्रुप पर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जिनसे या तो अपने निजी स्वार्थ पूरे नहीं हो पाते या जिनसे उनको अपनी पोल खोले जाने का खतरा बना रहता है। इन कथित चार-पांच लोगों की स्थिति अब बहुत ही दयनीय हो चुकी है क्योंकि इस साल के जनवरी से उनके धंधों पर रोक लगना शुरू हो गई। पूर्व जिलाधिकारी और एसएसपी के कार्यकाल में इन लोगों ने अपने दलाली के धंधे को चरम पर पहुंचाया। अब तो हद हो गई है कि जिस पवित्र पेशे से यह लोग अपने को जुड़ा बताते हैं उसी से संबंधित वरिष्ठ लोगों पर भी छींटाकशी करना अपनी शान समझने लगे हैं और तो और इन लोगों के मुखिया के तो कहने ही किया उसकी जब सरकारी मान्यता हुई थी उसमें अनुभव प्रमाण पत्र जिस संस्थान ने दिया था उसी के मालिक की ओर भी उंगली उठाने से यह बाज नहीं आए। इसी बात से इनकी योग्यता कार्य कुशलता का अनुभव किया जा सकता है।
इन लोगों की नजर में एसपी देहात नकारा है सीओ वृंदावन निकृष्ट हैं और तो और जो पुलिसकर्मी साधारण सा कांस्टेबल यदि इनकी नहीं सुनता तो वह भी निकम्मा कहा जाता है। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा एस आई आर को लेकर कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में पत्रकार वार्ता बुलाई गई थी वह भी इन लोगों को नागवार गुजरी जबकि इन्हीं में से महावन क्षेत्र में अवैध खनन के कार्यों में लिप्त कथित पत्रकार द्वारा एक
