हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सुशासन सप्ताह दिनांक 19 से 25 तक प्रशासन गांव की ओर के अन्तर्गत दिनांक 23-12-2022 को प्रातः 11.00 बजे कार्यशाला का आयोजन वैटेरिनरी विश्वविद्यालय के किसान भवन में किया गया, जिसमें जनपद के समस्त ग्राम प्रधान, सचिव सहायक विकास अधिकारी (पं.)/खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया गया। विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम उपस्थित हुए। कार्यशाला में निम्न बिन्दुओं पर विस्तार से उपस्थित ग्राम प्रधानों को जानकारी दी गई।
ग्राम पंचायतें निम्न कार्यों को कर आय अर्जन कर सकती है
1. दुग्ध डेयरी, पशुपालन।
2. जलकर, स्वच्छताकर लगाना।
3. गौशाला को समृद्धि बनाने के लिए ग्रामवासियों से खाद्य सामग्री आदि प्राप्त करना।
4. सोलर पैनल स्थापना, नेडा से सब्सिडी प्राप्त करना।
5. जैविक खेती ग्राम समाज की भूमिका।
6. आटा पीसने की चक्की।
7. ग्रामीण बाजार हॉट का विकास।
पंचायत सचिवालय का उपयोग
1. सचिवालय में बैंक स्थापना- प्रतिमाह किराया प्राप्त करना।
2. आजीविका से सम्बन्धित विभिन्न केन्द्रों की स्थापना।
3. सामुदायिक शौचालय में दुकान खुलवाना।
4. जन सुविधा केन्द्र का विकास करना।
पर्यावरण संरक्षण
1. उन्नत कृषि, मसरूम, सब्जी, मसाला आदि।
2. जल संरक्षण।
3. प्रत्येक घर पर पेड लगाना।
4. ग्राम पंचायत समिति के सदस्यों की सहभागिता लेना।
प्लास्टिक एकत्रीकरण
1. प्लास्टिक मुक्त गांव बनाना- गांव में स्वच्छता सैना तैयार करना, प्रत्येक घर से स्वच्छताकर लेना।
2. गांव की विधिवत साफ सफाई सफाईकर्मी द्वारा करना।
गांव में सुशासन की स्थापना- प्रशासन गांव की ओर
1. ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना।
2. ऑनलाइन प्राप्त सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना।
3. ग्राम प्रधान, सचिव, लेखपाल, आशा, आंगनवाडी, कोटेदार द्वारा समय-समय पर चौपाल लगाना।
4. जन शिकायतों के सुनने के लिए प्रतिदिन सचिव द्वारा गांव सचिवालय पर रोस्टर के अनुसार बैठना।
5. सभी विभागों की संचालित योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को ग्राम सचिवालय के माध्यम से प्राप्त कराना।
पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में बनाये जा रहे आदर्श ग्राम सचिवालय की फिल्म प्रस्तुत की गयी। मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष मीना ने बताया कि सभी सचिव रोस्टर के अनुसार सचिवालय पर बैठक जन समस्याओं की सुनवाई करते हुए गुणवत्तापरक समाधान करें एवं कायाकल्प कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करें तथा सभी ग्राम प्रधानों को व्यवसायिक कृषि को बढावा देने के लिए प्रेरित किया। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण श्री ए.के. उपाध्याय ने पंचायतों में आने वाले समस्याओं के त्वरित समाधान, गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य, सचिवालय का निर्माण एवं सभी विभाग की योजनाओं के जनता तक त्वरित पहुँचाने पर जोर दिया। जिला पंचायतराज अधिकारी द्वारा अवगत कराया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो भी आंगनवाडी केन्द्र खुले में संचालित हैं उनको विद्यालय के एक कक्ष संचालित किया जायेगा। यदि विद्यालय में कक्ष नहीं है तो ग्राम पंचायत के अन्य सार्वजनिक भवनों में संचालित कराया जाए। विशिष्ट अतिथि श्री आर.एस. गौतम ने ग्राम प्रधानों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि समस्त प्रधान एवं सचिव स्वयं के स्वास्थ्य एवं ग्राम पंचायत के नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता में लेते हुए खेलकूद को बढावा देना, योगा करना आदि को प्रेरित करें तथा नशा मुक्ति के प्रति गांव में आन्दोलन चलायें। जनपद में खारे पानी की परेशानी के दृष्टिगत झींगा मछली की खेती करने एवं उससे आय के सम्बन्ध में श्रीमती किरन चौधरी, जिला पंचायतराज अधिकारी एवं श्री अश्वनी कुमार, जिला कृषि अधिकारी द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई, जिसकी लघु फिल्म दिखायी गई। 14.00 लाख में एक हैक्टेयर में झींगा मछली का उत्पादन किया जा सकता है। जिसमें 40 प्रतिशत सरकार द्वारा सब्सिडी किसान को दी जाती है। जनपद में पराली जलाने की घटनाआंे की रोकथाम हेतु श्री अश्वनी कुमार, जिला कृषि अधिकारी द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई, जिसकी लघु फिल्म दिखायी गई। नगर निगम द्वार विकसित उपाय नामक ऐप के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत क गयी, जिसमें बताया गया कि समस्या का त्वरित निस्तारण ऑनलाइन फोन एवं शिकायत से किया जा सकता है। जिला पंचायतराज अधिकारी
7455095736
Author: Vijay Singhal
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