हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में लठामार होली का दीदार करने के लिए आने वाले भक्तों को इस बार आस्था की डगर पर लंबा सफर तय करना होगा। व्यवस्था के अनुसार परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को पूरे ब्रह्मांचल पर्वत की परिक्रमा लगाकर लगभग 15 किलोमीटर चलने के बाद ही श्रीजी मंदिर में दर्शन मिलेंगे। जो श्रद्धालु परिक्रमा नहीं करेंगे, उन्हें भी करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर तक पहुंचना होगा। लंबी दूरी और चढ़ाई को लेकर बुजुर्ग, महिलाएं और दूर दराज से आने वाले श्रद्धालु सबसे ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं।
गोपालजी मंदिर के आगे किसी भी प्रकार का वाहन नहीं जाएगा। सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर पैदल ही आगे बढ़ना होगा। प्रशासन का कहना है कि लठामार होली के दौरान भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मंदिर में दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से वन-वे रहेगी। श्रद्धालुओं को राधारानी गेट से प्रवेश दिया जाएगा और पुरानी सीढ़ियों के रास्ते मंदिर में चढ़कर दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन के बाद भक्तों की निकासी जयपुर मंदिर गेट से होगी और उन्हें गाड़ियों वाले रास्ते से नीचे उतारा जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी परिक्रमा जुड़ने से परिक्रमार्थियों की दूरी 15 किलोमीटर के स्थान पर करीब 13 किलोमीटर रह जाएगी। स्थानीय निवासी लक्ष्मण प्रसाद शर्मा ने कहा कि बरसाना की पारंपरिक छोटी परिक्रमा वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का हिस्सा रही है। यदि गहवर वन तक छोटी परिक्रमा को जोड़ दिया जाए तो भीड़ भी नियंत्रित रहेगी और बुजुर्गों को राहत मिलेगी। कस्बा निवासी मदनलाल ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था सुरक्षा की दृष्टि से उचित है, लेकिन 15 किलोमीटर की दूरी सभी के लिए संभव नहीं है।
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Author: Vijay Singhal
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