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मथुरा में भक्तों ने भगवान को ओढ़ाई रजाई:राधा वल्लभ के पास चांदी की अंगीठी जलाई, ग्लब्स-मोजा पहनाए; मेवा-केशर का भोग

ByVijay Singhal

Dec 24, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में रात के समय पारा 5 से 10°C के बीच रह रहा है। शीतलहर का असर मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। यहां भगवान को ठंड न लगे, इसके लिए भक्त अपने आराध्य को बचाने की हर जुगत कर रहे हैं। वृंदावन में स्थित प्रसिद्ध राधा वल्लभ मंदिर में ठंड से भगवान को बचाने के लिए गर्म वस्त्र धारण कराए गए हैं। भगवान राधा वल्लभ लाल को हाथों में ग्लब्स, पैरों में मोजा पहनाए गए हैं तो रजाई ओढ़ाई गई। भगवान के सामने मंदिर के पुजारियों ने चांदी की अंगीठी में कच्चे कोयले में आग जलाकर गर्मी प्रदान की जा रही है। वृंदावन के राधा वल्लभ मंदिर में ही नहीं, बल्कि ब्रज के अन्य मंदिरों में भी भगवान को सर्दी से बचाने के उपाय किए जा रहे हैं। ब्रज के राजा दाऊजी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण जी के बड़े भाई बलराम जी को रजाई ओढ़ाई जा रही है तो शालिग्राम से प्रतिमा के रूप में परिवर्तित हुए भगवान राधा रमण लाल को ऊन से बनी गर्म पोशाक धारण कराई जा रही है। उत्तर भारत में शीत लहर का प्रकोप देखा जा रहा है। यहां इंसान के साथ भगवान को ठंड लग रही है। मथुरा में भगवान को शीतलहर से बचाने के लिए मेवा और केशर से बने पदार्थों का भोग अर्पित किया जा रहा है। भगवान को गर्म कपड़े पहनाकर सर्दी से बचाया जा रहा है। वृंदावन के राधा वल्लभ मंदिर में भगवान को ठंड से बचाने के लिए उनके पास चांदी की अंगीठी जलाई जा रही है। भगवान को शीतलहर से बचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में राधा वल्लभ मंदिर के पुजारी मोहित मराल ने बताया कि जगत के पालनहार पूरे ब्रह्मांड को चलाते हैं। लेकिन, यह भक्तों का भाव है कि जैसे उनको सर्दी लगती है उसी तरह उनके आराध्य को भी सर्दी लगती होगी। यही वजह है कि भक्त भाव के अनुरूप अपने आराध्य को सर्दी से बचाने के लिए यत्न करते हैं। मोहित मराल ने बताया कि भगवान को सर्दी से बचाने के लिए मेवा और केशर से बने पदार्थों का प्रसाद अर्पित किया जा रहा है।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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